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UP चुनाव 2027 से पहले CM योगी आदित्यनाथ ने कोटेदारो को दिया तोहफा, कमीशन 90 से बढ़कर 125 रुपये प्रति क्विंटल​

उत्तर प्रदेश के राशन डीलरों यानी उचित दर दुकान संचालकों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राशन डीलरों का कमीशन 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। यानी प्रति क्विंटल 35 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस फैसले से प्रदेश के 78 हजार से […]

उत्तर प्रदेश के राशन डीलरों यानी उचित दर दुकान संचालकों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राशन डीलरों का कमीशन 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। यानी प्रति क्विंटल 35 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

इस फैसले से प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन डीलरों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे कोटेदारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ राशन वितरण व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

35 रुपये प्रति क्विंटल की हुई बढ़ोतरी

नए फैसले के तहत कमीशन में 35 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 10 रुपये और राज्य सरकार की ओर से 25 रुपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से कमीशन में 25 रुपये और बढ़ाने का अनुरोध किया है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो राशन डीलरों को आगे चलकर 150 रुपये प्रति क्विंटल तक कमीशन मिल सकता है।

100 क्विंटल राशन बांटने पर बढ़ेगी कमाई

मुख्यमंत्री के अनुसार औसतन एक राशन डीलर को हर महीने करीब 100 क्विंटल खाद्यान्न मिलता है। पहले 90 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से उसे लगभग 12,750 रुपये की मासिक आय कमीशन के रूप में होती थी। अब 125 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से यह रकम बढ़कर करीब 16,250 रुपये हो जाएगी। यानी केवल कमीशन से लगभग 3,500 रुपये की अतिरिक्त मासिक आय हो सकती है।

ईपॉस सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता

योगी सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है। उचित दर दुकानों पर ईपॉस मशीनों के इस्तेमाल से लाभार्थियों की पहचान और राशन वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। सरकार के अनुसार, एफसीआई गोदामों से राशन को सीधे दुकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था ने बीच के स्तरों को कम किया है और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी है।

डीलरों के लिए शुरू हुआ फीडबैक सिस्टम

सरकार ने राशन डीलरों की समस्याओं और सुझावों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए ईपॉस आधारित फीडबैक सिस्टम भी शुरू किया है। इसके जरिए राशन आपूर्ति और वितरण से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाई जा सकेगी। इससे डीलरों और सरकारी तंत्र के बीच संवाद बेहतर होने की उम्मीद है।

राशन दुकानों को अन्नपूर्णा भवन बनाने की तैयारी

सरकार राशन की दुकानों को केवल खाद्यान्न वितरण केंद्र के रूप में नहीं रखना चाहती। इसके लिए अन्नपूर्णा भवन विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

इस पहल के लिए राज्य सरकार ने करीब 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इन केंद्रों में दुकान के साथ भंडारण की सुविधा भी विकसित की जाएगी।

39 तरह के सामान बेचने का अवसर

अन्नपूर्णा भवन मॉडल के तहत राशन डीलरों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, अब उचित दर दुकानों से राशन के अलावा 39 प्रकार की वस्तुएं बेचने की अनुमति देने की व्यवस्था की जा रही है। इससे डीलरों की आय केवल राशन वितरण के कमीशन पर निर्भर नहीं रहेगी। हालांकि नशीली और ज्वलनशील वस्तुओं जैसी कुछ श्रेणियां इसके दायरे से बाहर रहेंगी।

कुल मिलाकर, कमीशन को 90 से 125 रुपये प्रति क्विंटल करना राशन डीलरों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत है। इसके साथ डिजिटल फीडबैक व्यवस्था और अन्नपूर्णा भवन जैसी योजनाओं से सरकार राशन दुकानों को अधिक व्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

 

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संपादकीय टीम

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