सोमवार, 17 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
Love Horoscope For 17 August 2026 | आज का प्रेम राशिफल 17 अगस्त 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन​ | 40 की उम्र के बाद हर सुबह रखें 3 बातों का ख्याल, सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया​ | ₹5.59 लाख से शुरू, 6 एयरबैग और दमदार सेफ्टी! ये हैं सबसे सुरक्षित कारें, देखें लिस्ट​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Dharam

Nag Panchami 2026: जीवित सांप को दूध पिलाना पुण्य या पाप? जानिए Religious और Scientific सच​

हिंदू धर्म में नाग पंचमी त्योहार का विशेष महत्व है, जो कि सावन महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन लोग नाग देवता यानी सांप की पूजा करते हैं। आज यानी 17 अगस्त को नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है।  इस दिन नाग देवता को दूध पीलाने  […]

हिंदू धर्म में नाग पंचमी त्योहार का विशेष महत्व है, जो कि सावन महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन लोग नाग देवता यानी सांप की पूजा करते हैं। आज यानी 17 अगस्त को नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। 
इस दिन नाग देवता को दूध पीलाने  का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन नाग देवता की प्रतिमा पर दूध अर्पित करने से कालसर्प दोष की समस्या दूर हो जाती है। क्या आप जानते हैं कि नाग पंचमी के दिन जीवित सांप को दूध पिलानी सही है या गलत है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि जीवित सांप को दूध पिलाना चहिए या नहीं।
धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
जीवित सांप को दूध पिलाना वर्जित
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जीवित सांप को दूध पिलाना सही नहीं है, क्योंकि सांप स्तनधारी जीव नहीं है और दूध उनके फेफड़ों में जाकर उनकी मृत्यु का कारण बन जाएगा।
प्रतिमा और शिवलिंग पर अभिषेक
धार्मिक शास्त्रों में नाग देवता की प्रतिमा, शिवलिंग या सर्प की बांबी पर दूध अभिषेक करने का विधान बताया है। भूलकर भी जीवित सांप को दूध नहीं पिलाना चाहिए।
 शास्त्रसम्मत पूजा विधि
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी पर नाग देवता की प्रतिमा पर दूध अर्पित करना ही शास्त्रसम्मत और जीवदया के अनुकूल माना जाता है। 
नाग पंचमी की पूजा का महत्व
  माना जाता है कि नाग पंचमी के दिन पूजाअर्चना करने से सर्प भय दूर हो जाता है। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों की सांप के काटने से रक्षा की जाती है।
  हिंदू धर्म में नाग देवता का संबंध भगवान शिव से है। महादेव अपने गले में वासुकी नाग धारण कर रखा है और जगत के पालनहार भगवान विष्णु चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु शेषनाग की शय्या पर विश्राम करते हैं। कहा जाता है कि नाग देव की साधना करने से महादेव के संग श्री विष्णु जी की कृपा प्राप्त होती है। 
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY