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WTC Final की रेस में पिछड़ा India तो Gautam Gambhir पर उठे सवाल, बचाव में उतरे Amit Mishra ने मांगा थोड़ा और समय​

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए सीमित ओवरों में तस्वीर भले ही मजबूत नजर आती हो, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में गौतम गंभीर के कार्यकाल का रिकॉर्ड चिंता बढ़ाने वाला है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत ने 19 टेस्ट खेले हैं, जिनमें सात में जीत मिली, दस में हार हुई और दो मुकाबले बराबरी […]

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए सीमित ओवरों में तस्वीर भले ही मजबूत नजर आती हो, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में गौतम गंभीर के कार्यकाल का रिकॉर्ड चिंता बढ़ाने वाला है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत ने 19 टेस्ट खेले हैं, जिनमें सात में जीत मिली, दस में हार हुई और दो मुकाबले बराबरी पर खत्म हुए हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट को इस आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि गंभीर के कार्यकाल में भारत को दो बड़ी घरेलू श्रृंखलाओं में करारी हार झेलनी पड़ी है। 2024 में न्यूजीलैंड ने भारत को तीनशून्य से हराया था, जबकि 2025 में दक्षिण अफ्रीका ने दोशून्य से घरेलू श्रृंखला अपने नाम की। इसके अलावा भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डरगावस्कर श्रृंखला 13 से हार गया था और इंग्लैंड में 2025 की श्रृंखला 22 से बराबर रही थी।
हालांकि सीमित ओवरों में भारत का प्रदर्शन इसके मुकाबले काफी बेहतर रहा है। भारत ने 2024 से 2026 के टी20 विश्व कप तक कोई टी20 श्रृंखला नहीं गंवाई थी। इसके बाद सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने के बाद आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखलाओं में भारत को हार मिली। एकदिवसीय क्रिकेट में भी भारत ने 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी।
टेस्ट में कमजोर प्रदर्शन के बीच अलगअलग प्रारूपों के लिए अलग कोच रखने की चर्चा भी उठती रही है। हालांकि पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने गौतम गंभीर का समर्थन किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में मिश्रा ने कहा कि खिलाड़ियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और किसी कोच को काम करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
मिश्रा के मुताबिक गंभीर को लाल गेंद वाले क्रिकेट में कुछ और समय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीम में कई नए खिलाड़ी हैं और उन्हें परिस्थितियों को समझने तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के हिसाब से ढलने में समय लगता है। उनके अनुसार कोच योजना बना सकता है और खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दे सकता है, लेकिन मैदान पर योजना को लागू करने की जिम्मेदारी खिलाड़ियों की होती है।
बता दें कि गंभीर के कार्यकाल में बल्लेबाजी क्रम में लगातार बदलाव भी चर्चा का विषय रहा है। खासकर तीसरे नंबर पर करुण नायर, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों को आजमाया गया है। मिश्रा का मानना है कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को नेट अभ्यास में देखकर परिस्थितियों के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ संयोजन तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, भारत अब 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की श्रृंखला खेलेगा। इसके बाद न्यूजीलैंड में दो टेस्ट और 2027 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट की महत्वपूर्ण बॉर्डरगावस्कर श्रृंखला होनी है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 48.15 प्रतिशत अंकों के साथ भारत पांचवें स्थान पर है और लगातार दूसरी बार फाइनल की दौड़ से बाहर होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में आने वाली टेस्ट श्रृंखलाएं गौतम गंभीर और भारतीय टीम के लिए बेहद अहम रहने वाली हैं।
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संपादकीय टीम

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