बुधवार, 12 अगस्त 2026 ब्रेकिंग
मानसून में घर को जर्म्स से सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स​ | तालिबानी शासन के पांच साल: अफगान महिलाओं की जिंदगी पर बढ़ती पाबंदियां​ | ट्रक बेचकर टाटा मोटर्स ने की तगड़ी कमाई, 3 महीने में छाप डाले 2,560 करोड़ रुपये​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

शेयर बाजार भरेगा सरकारी खजाना! इन कंपनियों से हिस्सेदारी घटाने की तैयारी में सरकार​

केंद्र सरकार अपने विनिवेश लक्ष्यों को साधने और गैरकर राजस्व को मजबूती देने के लिए एक बार फिर एक्शन मोड में है. वित्त वर्ष 202627 के दौरान सरकार देश की चार प्रमुख और दिग्गज कंपनियों—IRCTC, हिंदुस्तान जिंक, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और हिंदुस्तान कॉपरमें ऑफर फॉर सेल के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही […]

केंद्र सरकार अपने विनिवेश लक्ष्यों को साधने और गैरकर राजस्व को मजबूती देने के लिए एक बार फिर एक्शन मोड में है. वित्त वर्ष 202627 के दौरान सरकार देश की चार प्रमुख और दिग्गज कंपनियों—IRCTC, हिंदुस्तान जिंक, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और हिंदुस्तान कॉपरमें ऑफर फॉर सेल के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है.

सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस फाइनेंशियल ईयर में चार पब्लिक सेक्टर कंपनियों में ‘ऑफर फॉर सेल’ ट्रांज़ैक्शन शुरू कर सकती है. इसमें हिंदुस्तान जिंक में लगभग 1.5 फीसदी और हिंदुस्तान कॉपर, मज़गांव डॉक शिपबिल्डर्स और IRCTC में से हर एक में लगभग 5 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी. प्राथमिकता वाली लिस्ट में पहली दो कंपनियां सबसे ऊपर हैं.

इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा कि हिंदुस्तान जिंक और हिंदुस्तान कॉपर निश्चित रूप से प्राथमिकता वाली कंपनियों में शामिल हैं. इन दो ट्रांज़ैक्शन को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना है और इसके लिए मर्चेंट बैंकर पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं. यह कदम हाल ही में कई बैंकरों की नियुक्ति के बाद उठाया गया है — अकेले पिछले महीने में ही पांच नियुक्तियां हुईं — जिससे पता चलता है कि सरकार बड़े पैमाने पर हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है.

हिंदुस्तान जिंक में प्रतिशत कम, फिर भी बड़ी डील

हर हिस्सेदारी बिक्री का साइज एक जैसा नहीं है. हिंदुस्तान जिंक की प्रस्तावित बिक्री, जो लगभग 1.5 फीसदी है, प्रतिशत के हिसाब से दूसरों की तुलना में कम है, लेकिन कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन बहुत ज्यादा है, इसलिए ट्रांज़ैक्शन की वैल्यू भी काफ़ी बड़ी होगी. हिंदुस्तान कॉपर में पूरी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने पर विचार किया जा रहा है, जो MDL और IRCTC के लिए बनाई जा रही योजना के अनुरूप है, हालांकि हर मामले में अंतिम साइज लॉन्च के समय मार्केट की स्थितियों पर निर्भर करेगा.

यह घटनाक्रम इस महीने की शुरुआत में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में सरकार के OFS के बाद हुआ है — जो इस फाइनेंशियल ईयर में उसकी सबसे बड़ी हिस्सेदारी बिक्री थी जिसमें उसने 382 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर 6.5 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी. LIC का काम पूरा होने के बाद, सरकार FY27 में अपनी पाइपलाइन में मौजूद अगली कंपनियों की ओर बढ़ सकती है.

डिसइन्वेस्टमेंट के लिए सक्रिय साल

वित्त वर्ष 2027 में पहले ही OFS और हिस्सेदारी बिक्री के कई ट्रांजैक्शन हो चुके हैं जिसमें LIC के अलावा कोल इंडिया, NHPC, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन, सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन शामिल हैं. हिंदुस्तान जिंक, हिंदुस्तान कॉपर, MDL और IRCTC में नई नियुक्तियों से संकेत मिलता है कि सरकार चालू वित्त वर्ष के बाकी समय में भी इसी रफ़्तार को बनाए रखना चाहती है. DIPAM के आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने अब तक 202627 के लिए कुल 61,638.61 करोड़ रुपए जुटाए हैं. इसमें विनिवेश से 52,716.02 करोड़ रुपए, एसेट मोनेटाइज़ेशन से 6,366.93 करोड़ रुपए और डिविडेंड से 2,555.66 करोड़ रुपए शामिल हैं. वैसे अभी तक इस मामले में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY