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बाजार में अचानक क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? शेयर खरीदने-बेचने से पहले जान लें पूरा मामला​

मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार और आम निवेशकों के लिए थोड़ी निराशा लेकर आया. हफ्ते के दूसरे दिन ही सेंसेक्स और निफ्टी ने गोता लगा दिया. निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि बाजार में अचानक यह सुस्ती क्यों आई है. एक तरफ निफ्टी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज […]

मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार और आम निवेशकों के लिए थोड़ी निराशा लेकर आया. हफ्ते के दूसरे दिन ही सेंसेक्स और निफ्टी ने गोता लगा दिया. निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि बाजार में अचानक यह सुस्ती क्यों आई है. एक तरफ निफ्टी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई, तो दूसरी तरफ सोनेचांदी के भाव में भी बदलाव देखने को मिला है. इस गिरावट के पीछे घरेलू स्तर पर हुए कुछ तकनीकी बदलावों से लेकर अमेरिकाईरान के बीच कम हुआ तनाव एक बड़ा कारण माना जा रहा है.

शेयर बाजार में आज का हाल

दोपहर सवा बारह बजे के करीब निफ्टी 50 इंडेक्स 273 अंक यानी 1.10 प्रतिशत टूटकर 24,501 पर आ गया. वहीं, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 224 अंक गिरकर 78,415 पर कारोबार कर रहा था. ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, बजाज ऑटो और टाइटन जैसे बड़े शेयरों ने बाजार को नीचे खींचने का काम किया. इस भारी बिकवाली के बीच केवल निफ्टी मेटल इंडेक्स ही ऐसा रहा जो हरे निशान में टिका रहा. आज सुबह जब बाजार खुला था, तब सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा बिल्कुल अलग थी. सेंसेक्स 160 अंक ऊपर खुला था, जबकि निफ्टी 172 अंक नीचे.

नए सिस्टम से पैदा हुआ भ्रम

बाजार में इस अजीब स्थिति के पीछे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का एक नया नियम है. इसे क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम नाम दिया गया है. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, कल आखिरी मिनटों में निफ्टी में जो भारी उछाल आया था, वह इसी नए सिस्टम के कारण था. यह सिर्फ एक दिन का तकनीकी उतारचढ़ाव है. आम निवेशकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अर्थव्यवस्था के बुनियादी आंकड़े अब भी मजबूत दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

वैश्विक संकेतकों का बाजार पर प्रभाव

दुनिया भर के बाजारों पर नजर डालें, तो वहां से मिलेजुले संकेत मिल रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करने की अपनी योजना रद्द कर दी है. इसका सीधा असर अमेरिकी बाजारों पर दिखा. डाउ जोंस 693 अंक उछलकर 53,178 पर पहुंच गया, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक भी शानदार बढ़त के साथ बंद हुए. हालांकि, एशियाई बाजारों में आज सुबह से ही सावधानी का माहौल है. जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ खुले हैं. ईरान पर हमले का खतरा टलने से कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी आई है. डब्ल्यूटीआई क्रूड गिरकर 81.04 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है.

सोने चांदी की नई कीमतें

वैश्विक हलचल का असर कमोडिटी बाजार पर भी साफ नजर आ रहा है. भारत में आज 24 कैरेट सोने का भाव 0.3 प्रतिशत गिरकर 1,42,740 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है. राजधानी दिल्ली में यह कीमत 1,42,490 रुपये है, जबकि भारत में 18 कैरेट सोना 1,07,055 रुपये पर बिक रहा है. बात अगर चांदी की करें, तो इसकी कीमत भी 0.45 प्रतिशत गिरकर 2.16 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. ध्यान रहे कि जनवरी में भूराजनीतिक तनाव के चलते चांदी ने अपना रिकॉर्ड उच्चतम स्तर छुआ था. विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने कल बाजार में करोड़ों रुपये की खरीदारी की थी, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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