CWG 2026 Sharmila Dhankhar Success Story: कहते हैं जिंदगी में कितनी भी समस्याएं क्यूं न आ जाए, कभी उससे घबराकर हार नहीं माननी चाहिए. एक मजबूत इरादा और आगे बढ़ने के जुनून को हमेशा जिंदा रखना चाहिए जिससे जीवन की सभी परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है. संत कबीर का प्रसिद्ध दोहा ‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत’ भी कहीं न कहीं हमारी जिंदगी में खास भूमिका निभाता है जिसका एक उदाहरण भारत की गोल्डन गर्ल, शर्मिला धनकड़ हैं जिन्होंने बचपन से जवानी तक संघर्षों का सामना किया. पहले पति के अत्याचारों ने उन्हें तोड़कर रख दिया लेकिन जिंदगी में यूटर्न तब आया जब उन्होंने दूसरी शादी की और पति ने उनका हौसला बढ़ाया.

एक लड़की जिसका पैर 2 साल की उम्र में पोलियो के कारण खराब हो गया, वो आज भारत के लिए करीब 20 साल के बाद गोल्ड मेडल लेकर आई हैं. कितने संघर्ष और प्रयासों के साथ शर्मिला ने सफलता हासिल की, आज हम आपको उनकी सक्सेस स्टोरी बताने जा रहे हैं. आइए शर्मिला धनकड़ की सफलता की कहानी जानते हैं.
शर्मिला ने CWG 2026 में रचा इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने के साथ शर्मिला ने इतिहास रचा है. उन्होंने CWG 2026 में महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में 9.81 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता है. इसके साथ ये पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली एथलीट बन गई हैं. उनके सामने वेल्स, कनाडा, इंग्लैंड, घाना और ऑस्ट्रेलिया जैसे दिग्गज थे जिन्हें पछाड़ते हुए उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में सफलता हासिल की है.
कौन हैं गोल्ड मेडल जीतने वालीं शर्मिला धनखड़?
हरियाणा के चित्रौली गांव में पलीबढ़ीं शर्मिला धनखड़ का जन्म 15 अगस्त 1986 को हुआ था. उनकी मां नेत्रहीन और पिता किसान थे. अपनी बहनों में दूसरे नंबर पर थीं. बचपन से ही जीवन संघर्ष के साथ रहा. आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी और दो साल की उम्र में मेडिकल सुविधाएं न मिल पाने के कारण उन्हें पोलियो हो गया. नतीजा ये रहा कि उनका बायां पैर खराब हो गया, उसके बाद जिंदगी में कई समस्याओं का सामना लगातार करना पड़ा.
पहली शादी में पति निकला हैवान
सिर्फ 18 साल की उम्र में शर्मिला की शादी कर दी गई लेकिन उसके बाद जीवन में चुनौतियां और ज्यादा बढ़ गईं. जिस घर में शादी करके गईं वहां काफी बुरा बर्ताव किया गया. शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना कई सालों तक किया. परिस्थिति इस कदर बिगड़ गई कि उन्होंने आत्महत्या करने का सोच लिया था. हालांकि, दो बेटियों को जन्म देने के बाद उन्होंने तलाक लेने का फैसला लिया.
तलाक के बाद 28 की उम्र में की शादी
पहली शादी में पति के जुल्मों को सहने के बाद जब उन्होंने तलाक लिया तब वो किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती और इस वजह से परिवार का पालनपोषण करने के लिए उन्होंने काम भी किया. इसके बाद जिंदगी में नया मोड़ आया, 28 साल की उम्र में उन्होंने दूसरी शादी अजीत सिंह से की. हरियाणा के रेवाड़ी में रहने वाली शर्मिला को पति अजीत सिंह ने पूरा सपोर्ट किया और उन्हें पैराएथलेटिक्स में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया.
पैराएथलेटिक्स में करियर बनाने की मिली हिम्मत
उनकी और उनके पति की कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्होंने एक साल में ही 7.40m के थ्रो के साथ एक नया नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड जीता. साल 2022 में उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया और महिलाओं के F57 शॉट पुट इवेंट में उन्होंने चौथी रैंक के साथ 8.43 मीटर के थ्रो से रिकॉर्ड बना मगर थोड़ा अंतर होने के कारण वो पोडियम पर जगह नहीं बना सकीं. इसके बाद साल 2025 में उन्होंने बेंगलुरु में हुई इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने 9.77 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया.
इसके बाद 2026 में भी उन्होंने दुबई में हुई फज्जा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया, जहां F57 शॉट पुट में 8.86 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीत लिया. उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ F57 डिस्कस थ्रो में सफलता हासिल की थी. वहीं, अब महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में 9.81 मीटर के थ्रो के साथ भारत के लिए करीब 20 साल बाद गोल्ड जीता है.
HISTORIC GOLD IN GLASGOW!
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Sharmila wins Gold in Women’s Shot Put F57 & creates history at #CWG2026.
She becomes India’s firstever Commonwealth Games Gold medallist in Para Athletics.Your indomitable spirit has made the entire nation proud on the global stage.… pic.twitter.com/gP1RA7ZHbn
— Dr Mansukh Mandaviya July 27, 2026