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धुंधली नजर को न करें नजरअंदाज, कई गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत​

आजकल धुंधला दिखने की समस्या काफी आम हो गई है. लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल, बढ़ती उम्र, आंखों की थकान या चश्मे का नंबर बदलने जैसी वजहों से भी ऐसा हो सकता है. कई लोग इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हर बार ऐसा करना सही नहीं होता. कुछ […]

आजकल धुंधला दिखने की समस्या काफी आम हो गई है. लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल, बढ़ती उम्र, आंखों की थकान या चश्मे का नंबर बदलने जैसी वजहों से भी ऐसा हो सकता है. कई लोग इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हर बार ऐसा करना सही नहीं होता. कुछ मामलों में धुंधला दिखना आंखों या शरीर में मौजूद किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है.

के अनुसार, अगर धुंधलापन बारबार हो, अचानक शुरू हो जाए या इसके साथ आंख में दर्द, रोशनी की चमक, फ्लोटर्स या देखने में अन्य बदलाव महसूस हों, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और तुरंत जांच करानी चाहिए. समय पर कारण का पता चलने से कई गंभीर समस्याओं का इलाज आसान हो सकता है. आइए जानते हैं कि धुंधला दिखना किन गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है, किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है.

धुंधला दिखना किन गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है?

नेशनल आई इंस्टीट्यूट के मुताबिक, धुंधला दिखना कई आंखों की बीमारियों का संकेत हो सकता है. मोतियाबिंद में आंख का लेंस धुंधला होने लगता है, जिससे साफ दिखाई नहीं देता. ग्लूकोमा आंख की नस को नुकसान पहुंचा सकता है और समय पर इलाज न मिलने पर नजर प्रभावित हो सकती है.

डायबिटिक रेटिनोपैथी डायबिटीज से जुड़ी आंखों की समस्या है, जिसमें रेटिना की ब्लड वेसल्स प्रभावित होती हैं और धुंधला दिख सकता है. वहीं, एजरिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन बढ़ती उम्र में देखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है. कुछ मामलों में आंख में चोट, संक्रमण या रेटिना से जुड़ी समस्याओं की वजह से भी धुंधलापन हो सकता है. इसलिए बारबार या अचानक धुंधला दिखने की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और आंखों की देखभाल कैसे करें?

अगर धुंधलेपन के साथ आंख में दर्द, अचानक कम दिखाई देना, रोशनी की चमक दिखना, बहुत ज्यादा फ्लोटर्स नजर आना या एक आंख से साफ न दिखना जैसी समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज न करें. आंखों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से आंखों की जांच कराएं, खासकर अगर आपकी उम्र बढ़ रही है या आपको डायबिटीज जैसी बीमारी है.

स्क्रीन पर लगातार काम करते समय बीचबीच में आंखों को आराम दें और पर्याप्त रोशनी में ही पढ़ें या काम करें. धूप में बाहर निकलते समय UV सुरक्षा वाले धूप के चश्मे पहनें. साथ ही, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और विटामिन से भरपूर संतुलित डाइट लें, जो आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है.

धुंधला दिखने पर कब डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए?

अगर अचानक धुंधला दिखने लगे, एक या दोनों आंखों से दिखाई देना कम हो जाए, आंख में तेज दर्द हो, आंख लाल हो जाए, आंख में चोट लग जाए या अचानक रोशनी की चमक और बहुत सारे फ्लोटर्स दिखाई दें, तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करें.

इसके अलावा, धुंधलेपन के साथ सिरदर्द, चक्कर आना, बोलने में परेशानी या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी महसूस हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच कराएं. समय पर इलाज कराने से आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है और गंभीर जोखिमों को भी कम किया जा सकता है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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