मुंबई: सिया के साजिशों के बारे में तो आपने खूब पढ़ा, जिसने प्रेमी संग मिलकर मंगेतर केतन को लोहगढ़ किले से धक्का दे दिया था. अब ऐसी ही एक और मर्डर मिस्ट्री सामने आई है, जो लोगों को हैरान कर रही है. नवी मुंबई में एक महिला ऑटो चालक से प्यार कर बैठी और फिर वो किया जिसे सुनकर रूह कांप उठेगी. इस महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर न सिर्फ अपने पति को मौत के घाट उतारा, बल्कि उसके शव के तीन टुकड़े कर दिए. 11 महीने तक दोनों इस राज को छिपाए रहे, लेकिन एक छोटी सी गलती से वे दबोच लिए गए.

महिला का नाम सुनीता है. वह अपने पति बलिराम सूर्यनाथ कुशवाह के साथ ऐरोली के यादव नगर में रहती थी. दोनों के दो बच्चे भी हैं. इसी दौरान सुनीता की नजदीकियां घणसोली में रहने वाले एक ऑटोचालक राहुल दशरथ प्रजापति से बढ़ गईं. जब बलिराम को अपनी पत्नी के इन अवैध संबंधों की भनक लगी, तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया. पति को अपने रास्ते का कांटा बनते देख सुनीता ने प्रेमी राहुल के साथ मिलकर बलिराम को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
बच्चों को भेजा दूर और कर दिए पति के 3 टुकड़े
हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए सुनीता ने सबसे पहले अपने दोनों बच्चों को दो दिन के लिए उनकी मौसी के घर भेज दिया. 9 अगस्त 2025 की रात जब बलिराम गहरी नींद में सो रहे थे, तब सुनीता और राहुल ने पहले उनका गला घोंटा और फिर धारदार हथियार से वार कर उनकी जान ले ली.
सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने बेरहमी की सारी हदें पार कर दीं. उन्होंने घर के अंदर ही बलिराम के शव को सिर, धड़ और पैर तीन टुकड़ों में बांट दिया. इसके बाद शव के टुकड़ों को अलगअलग बोरियों और चादर में लपेटकर रात के अंधेरे में राहुल के रिक्शे से ले जाकर गवली देव इलाके की घनी झाड़ियों में फेंक दिया.
8 महीने बाद भाई को हुआ शक
इस वीभत्स हत्याकांड के बाद सुनीता ने यादव नगर का अपना मकान किराए पर दे दिया और अपने बच्चों के साथ प्रेमी राहुल के घर घणसोली में रहने लगी. जब करीब 8 महीने बाद बलिराम का भाई गांव से उनसे मिलने आया, तो सुनीता ने कहानी गढ़ी कि बलिराम झगड़ा करके घर छोड़कर चले गए हैं. भाई को इस बात पर शक हुआ और उसने अप्रैल 2026 में रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में बलिराम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी.
सीडीआर की एक गलती और खुल गया राज
पुलिस जांच शुरू होते ही सुनीता और राहुल ने बचने के लिए अपने पुराने मोबाइल और सिम कार्ड बदल लिए, लेकिन यहीं उनसे सबसे बड़ी चूक हो गई. पुलिस की तकनीकी जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह साफ हो गया कि राहुल अलगअलग नंबरों से लगातार केवल सुनीता से ही बात कर रहा था.