अगर आप मेट्रो में सफर के दौरान मोबाइल पर गाने या वीडियो स्पीकर ऑन करके सुनते हैं, तो अब सावधान हो जाइए. चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड ने यात्रियों से साफ कहा है कि ट्रेन और स्टेशन परिसर में मोबाइल का इस्तेमाल इस तरह करें जिससे दूसरे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो. नियमों का उल्लंघन करने पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

सीएमआरएल का कहना है कि मेट्रो में रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं. ऐसे में तेज आवाज में गाने, वीडियो चलाना या स्पीकर मोड पर लंबी बातचीत करना दूसरे यात्रियों के लिए असुविधा पैदा करता है. इसी वजह से सभी यात्रियों से अपील की गई है कि वे व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए केवल हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल करें और सार्वजनिक स्थान पर दूसरों की सुविधा का भी ध्यान रखें.
सरकार ने बढ़ाया जुर्माना
19 जून 2026 को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत मेट्रो रेलवे अधिनियम, 2002 की धारा 59 में जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है. पहले इस तरह के उल्लंघन पर अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2,500 रुपये तक कर दिया गया है. जरूरत पड़ने पर अधिकृत अधिकारी संबंधित यात्री को मेट्रो परिसर से बाहर भी कर सकते हैं.
किन हरकतों को माना जाएगा नियमों का उल्लंघन?
धारा 59 के तहत ऐसा कोई भी व्यवहार, जिससे अन्य यात्रियों को असुविधा या परेशानी हो, दंडनीय माना जाएगा. इसमें मोबाइल पर तेज आवाज में बात करना, बिना हेडफोन गाने या वीडियो चलाना, स्पीकर मोड का इस्तेमाल करना या ऐसा कोई भी काम शामिल है जिससे मेट्रो का शांत वातावरण प्रभावित हो.