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बच्चे की सेहत से खिलवाड़! दूध में दवा देना कितना खतरनाक? एक्सपर्ट ने बताया​

बच्चे को दूध में दवा देना सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. दवा कितनी देनी चाहिए, कब देनी चाहिए, मेडिकल से लेकर दवा देनी चाहिए या नहीं… इससे जुड़े ऐसे कई मिथक लोगों में पॉपुलर है. पर क्या आप जानते हैं कि अगर बच्चे को दूध में दवा मिलाकर दी जाए तो इससे […]

बच्चे को दूध में दवा देना सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. दवा कितनी देनी चाहिए, कब देनी चाहिए, मेडिकल से लेकर दवा देनी चाहिए या नहीं… इससे जुड़े ऐसे कई मिथक लोगों में पॉपुलर है. पर क्या आप जानते हैं कि अगर बच्चे को दूध में दवा मिलाकर दी जाए तो इससे शरीर में क्या होता है. क्या ऐसा करने से दवा का असर कम हो जाता है? दवा और दूध के बीच कोई रिएक्शन होता है? इस आर्टिकल में हम आपको इन दोनों चीजों के बीच के कॉम्बिनेशन से जुड़ी जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं.

बच्चों की हेल्थ केयर की बात करें तो इसके साथ जरा सी लापरवाही एक तरह से उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है. ऐसे कई मामले सामने आते हैं जिनमें मातापिता या घर के बड़ों द्वारा बच्चों को दवा देने में गलती की जाती है और गंभीर परिणाम मासूमों को झेलने पड़ते हैं. जानें दूध में दवा लेना कितना गलत है?

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डॉ. सन्नी लोहिया कहते हैं कि हमें भूल से भी बच्चे को दवा दूध में मिलाकर नहीं देनी चाहिए. उनका कहना है कि कुछ दवाओं का दूध के साथ मिलकर असर कम हो जाता है. इतना ही नहीं कभीकभी ये ठीक से एब्जॉर्ब नहीं हो पाती है. अगर बच्चा दूध नहीं पीता है तो दवा की तय की गई मात्रा भी उसे नहीं मिलती. ऐसे में ट्रीटमेंट ठीक से नहीं हो पाता है और बच्चे के ठीक होने में और समय लगता है.

दूध से बच्चा बनाता है दूरी

एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर बच्चे को दूध में दवा दी जाए और उसे इससे इरिटेशन हो जाए तो आगे दिक्कतें हो सकती हैं. हो सकता है कि दवा का स्वाद दूध में मिल जाने से बच्चा फ्यूचर में इसे पीने से कतराने लग सकता है. डॉक्टर कहते हैं कि दवा को हमेशा पीडियाट्रिक्स की सलाह के मुताबिक ही दें. अगर बच्चे को दवा लेने में मुश्किल हो रही है, तो सही ऑप्शन के लिए अपने पीडियाट्रिशन की सलाह लेना सबसे ज्यादा सेफ और कारगर तरीका है.

खुद का डॉक्टरी इलाज भी बड़ी गलती

वैसे ये भी देखा गया है कि कुछ मातापिता खुद ही डॉक्टर बन जाते हैं और बच्चों को दवा देने में कई गलतियां करते हैं. इसमें जरा सी सर्दीजुकाम में कफ सिरप देना, बड़ों की आधी गोली देना, कोर्स को बीच में छोड़ देना, बातबात पर एंटीबायोटिक देना और खुद ही दवाओं को देने समय मात्रा तय करना जैसी गलतियां शामिल हैं. हाल ही में कफ सिरप को देने में लापरवाही के चलते सरकार ने बड़ा नियम तय किया है.

इसके मुताबिक अब कोई भी कैमिस्ट कफ सिरप या बच्चों के दूसरे सिरप बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं देगा. कफ सिरप के जरिए बच्चों की सेहत के साथ कई खिलवाड़ होता है. आप भी दूध में दवा मिलाकर देने की गलती करते हैं तो इस बुरी आदत को आज ही बदल दें.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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