Ghaziabad News: गाजियाबाद कमिश्नरेट के मसूरी थाना क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध मदरसे को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान पांच बुलडोजर मौके पर लगाए गए, जिन्होंने करीब दो घंटे के भीतर पूरे निर्माण को गिरा दिया. प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात किया था. इससे एक दिन पहले खोड़ा क्षेत्र में तीन मदरसों को सील कर दिया था. ये कार्रवाई खोड़ा क्षेत्र में हुई सूर्या चौहान की हत्या के बाद की गई थी. हालांकि सूर्या को मारने वाला असद भी एनकाउंटर में मारा गाया था.

वहीं आज मसूरी क्षेत्र के जिस पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई, ये भी अवैध रूप से बना था. प्रशासन को कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या की आशंका थी. इसी को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई. मौके पर तीन प्लाटून RAF, दो कंपनी PAC, दूसरे जोन से 500 पुलिसकर्मी, स्थानीय स्तर पर करीब 300 पुलिसकर्मी, आठ थाना प्रभारी और अन्य सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था. कुछ पुलिसकर्मी एंटी-रायट उपकरणों से भी लैस थे.
माइक से पढ़कर सुनाया गया प्रशासनिक आदेश
बुलडोजर कार्रवाई शुरू करने से पहले तहसीलदार ने मौके पर मौजूद लोगों को माइक के माध्यम से प्रशासनिक और कानूनी आदेश पढ़कर सुनाया. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई. प्रशासन के मुताबिक, मदरसा संचालक फारूक पर ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराने का आरोप है. बताया गया कि वर्ष 2021 में इस जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराया गया था.
मदरसे का नाम मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम बताया जा रहा है, जो मसूरी क्षेत्र के कल्लूगढ़ी इलाके में स्थित था. अधिकारियों के अनुसार, यह जमीन सरकारी बंजर भूमि के रूप में दर्ज है. कुल 12 बीघा जमीन पर कब्जे की बात कही जा रही है. प्रशासन के अनुसार, जमीन की अनुमानित कीमत करीब 24 करोड़ रुपए आंकी गई है.
मदरसा संचालक पर जुर्माना और मुकदमा
प्रशासन ने मदरसा संचालक फारूक पर 1 करोड़ 23 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. इसके साथ ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. लेखपाल अनुपम मिश्रा की शिकायत पर मसूरी थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब यह भी जांच की जाएगी कि मदरसे के संचालन और निर्माण के लिए फंडिंग कहां से हो रही थी.
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अधिकारियों ने कहा कि यदि जांच में अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों के विरुद्ध किए गए निर्माणों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई की जाएगी.












