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‘शाहरुख को क्रिकेट पसंद नहीं था’, IPL में टीम को खरीदने से हिचकिचा रहे थे किंग खान, ललित मोदी ने बताया फिर कैसे बने KKR के मालिक

‘शाहरुख को क्रिकेट पसंद नहीं था’, IPL में टीम को खरीदने से हिचकिचा रहे थे किंग खान, ललित मोदी ने बताया फिर कैसे बने KKR के मालिक

बीसीसीआई के पूर्व चेयरमैन और वाइस-प्रेसिडेंट ललित मोदी इन दिनों अपने एक इंटरव्यू को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। इसमें उन्होंने सुष्मिता सेन के साथ अपने रिश्ते और ब्रेकअप के बारे में बताया। साथ ही यह भी बताया कि कैसे उन्होंने बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान को आईपीएल में टीम खरीदने के लिए राजी किया और कैसे उन्हें यह आईडिया आया कि किंग खान को क्यों टीम लेने के लिए कहा जाए।

‘शाहरुख को क्रिकेट पसंद नहीं था’, IPL में टीम को खरीदने से हिचकिचा रहे थे किंग खान, ललित मोदी ने बताया फिर कैसे बने KKR के मालिक
‘शाहरुख को क्रिकेट पसंद नहीं था’, IPL में टीम को खरीदने से हिचकिचा रहे थे किंग खान, ललित मोदी ने बताया फिर कैसे बने KKR के मालिक

बता दें कि इंडियन प्रीमियर लीग आज दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लीग में से एक है, जो ब्रॉडकास्ट डील्स, स्पॉन्सरशिप और फैन एंगेजमेंट से अरबों कमाती है। लेकिन जब 2000 के दशक के बीच में इस टूर्नामेंट पर विचार किया जा रहा था, तो इसके आर्किटेक्ट ललित मोदी जानते थे कि इसे सफल बनाने के लिए उन्हें क्रिकेट से कुछ ज्यादा की जरूरत होगी।

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क्या बोले ललित मोदी

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के साथ बात करते हुए ललित मोदी ने कहा कि यह आइडिया तब आया जब उन्होंने जयपुर में एक इंटरनेशनल मैच के दौरान क्रिकेट फैन के बीच शाहरुख के लिए जबरदस्त दीवानगी देखी। ललित मोदी ने कहा, “जब मैं BCCI का वाइस-प्रेसिडेंट था, तब मैं शाहरुख को राजस्थान में एक मैच दिखाने ले गया था। यह जयपुर में खेला गया पहला इंटरनेशनल मैच था। यह आईपीएल से पहले की बात है। मुझे लगता है, करीब एक साल पहले की। मैंने देखा कि जब वह वहां पहुंचे, तो भीड़ पूरी तरह से बेकाबू हो गई। वह उस मैच की सबसे बड़ी हाईलाइट बन गए।”

ललित मोदी ने कहा कि इस बात ने उनके इस विश्वास को और मजबूत किया कि क्रिकेट और बॉलीवुड को एक साथ लाना एक सफल फ़्रैंचाइजी लीग बनाने की कुंजी हो सकता है। बिजनेसमैन ने कहा, “भारत में दो चीजें बिकती हैं- क्रिकेट और बॉलीवुड। मैं क्रिकेट की दुनिया से जुड़ा पैसा और BCCI के लिए विज्ञापनदाता पहले ही ला चुका था। बाकी टेलीविजन विज्ञापन ‘सास-बहू’ वाली दुनिया और बॉलीवुड पर आधारित कार्यक्रमों में जा रहे थे।

उन्होंने आगे कहा कि रात 8 बजे का प्राइम-टाइम स्लॉट हासिल करना लीग की सफलता के लिए बहुत जरूरी था। ललित मोदी ने कहा, “IPL को सफल बनाने के लिए, मुझे रात 8 बजे के उस टाइम स्लॉट की जरूरत थी। मैं देश के कुछ सबसे बड़े टेलीविजन शो के साथ सीधे मुकाबले में था। क्रिकेट असल में कभी भी रात का खेल नहीं रहा था। यहां तक कि T20 वर्ल्ड कप भी दिन का ही खेल था। रात में प्राइम-टाइम पर एक इवेंट बनाकर मैं बहुत बड़ा रिस्क ले रहा था।”

मोदी ने कहा कि इस रणनीति के लिए ऐसे सेलिब्रेटी मालिकों की जरूरत थी जो क्रिकेट के फैंस के अलावा दूसरे दर्शकों को भी आकर्षित कर सकें।

शाहरुख खान को क्रिकेट पसंद नहीं था

शाहरुख खान के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए ललित मोदी ने बताया कि एक्टर शुरू में हिचकिचा रहे थे, क्योंकि उन्हें क्रिकेट में ज्यादा दिलचस्पी नहीं थी। बिजनेसमैन ने कहा, “टीम का मालिक बनने के लिए शाहरुख खान से बेहतर और कौन हो सकता था? मजेदार बात यह थी कि शाहरुख को क्रिकेट पसंद नहीं था और न ही उन्हें क्रिकेट की ज्यादा समझ थी। वह फुटबॉल के फैन हैं।

जब मैंने उनसे कहा कि मैं चाहता हूं वह एक टीम खरीदें, तो वह थोड़ा घबरा गए। उन्होंने कहा कि मुझे क्रिकेट की समझ नहीं है। मैंने उनसे कहा कि यह काम मुझ पर छोड़ दें और मैं यह पक्का करूंगा कि सही टीम और सिस्टम तैयार हो जाए।” मोदी ने बताया कि शाहरुख की अगली चिंता पैसों को लेकर थी।

ललित मोदी ने कहा, “उन्होंने मुझसे पूछा कि अगर मैं कोई टीम खरीद लेता हूं, तो उसमें कितना खर्च आएगा? मैंने उन्हें बताया कि डाउन पेमेंट के तौर पर 20 करोड़ रुपये देने होंगे। उन्होंने जवाब दिया कि यह तो मेरी बचत का एक बहुत बड़ा हिस्सा है।” ललित मोदी के मुताबिक, वह इस बारे में भी सोच रहे थे कि फ्रेंचाइजी के मालिक अपने निवेश की भरपाई कैसे कर पाएंगे और साथ ही यह भी पक्का करना था कि लीग को स्पॉन्सर, ब्रॉडकास्टर और विज्ञापन देने वाले मिलें। फिर उन्हें मोबाइल फोन बनाने वाली बड़ी कंपनी नोकिया का एक प्रस्ताव याद आया, जो शाहरुख खान को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाना चाहती थी।

उन्होंने आगे कहा, “नोकिया नाम की एक कंपनी थी जो हैंडसेट बनाती थी। वे शाहरुख को अपना ब्रांड एम्बेसडर बनाने के लिए बहुत बेताब थे, लेकिन शाहरुख को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी। मैं उनके एंडोर्समेंट के मामलों में दखल नहीं दे सकता था। इसलिए मैंने Nokia से पूछा कि अगर शाहरुख कोई टीम खरीद लेते हैं, तो क्या वे जर्सी के आगे वाले हिस्से को स्पॉन्सर करेंगे?

मैंने उनसे कहा कि मैं इस बात की गारंटी दे सकता हूं कि शाहरुख उनकी शर्ट और कैप पहनेंगे और पूछा कि क्या वे 5 मिलियन डॉलर का एडवांस देंगे। उन्होंने हां कह दिया।” मोदी ने दावा किया कि इस समझौते से आखिर में दोनों ही पक्षों को फायदा हुआ।

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ललित ने बताया, “शाहरुख ने पैसे लगाए और नोकिया ने उन्हें आर्थिक मदद दी। ठीक 12 बजे, शाहरुख ने चेक काटा। और शाम होते-होते, नोकिया ने KKR कंसोर्टियम को स्पॉन्सर करने के लिए एक और चेक काट दिया। सब कुछ बहुत ही बढ़िया तरीके से हो गया।” KKR, जिसके सह-मालिक शाहरुख खान के साथ अभिनेत्री जूही चावला और व्यवसायी जय मेहता हैं, IPL की सबसे जानी-मानी फ्रेंचाइज़ियों में से एक बन गई। तब से, इस टीम ने कई IPL खिताब जीते हैं और यह लीग की सबसे कीमती और सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली टीमों में से एक बनी हुई है।”

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