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सुल्तानपुर में जमीन के टुकड़े के लिए बेटे ने पिता का गला दबाकर मार डाला, शव नाले में फेंका; पोते के साथ अरेस्ट

यूपी के सुल्तानपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक घटना में बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी युवक ने अपने बेटे की मदद ली। जमीन विवाद में की गई इस वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चार दिन पहले एक बुजुर्ग का शव गांव के बाहर एक सूखे नाले के पास मिला था।

सुल्तानपुर में जमीन के टुकड़े के लिए बेटे ने पिता का गला दबाकर मार डाला, शव नाले में फेंका; पोते के साथ अरेस्ट
सुल्तानपुर में जमीन के टुकड़े के लिए बेटे ने पिता का गला दबाकर मार डाला, शव नाले में फेंका; पोते के साथ अरेस्ट

मामला दोस्तपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर खुर्द गांव का है। मृतक की पहचान 70 वर्षीय रामदयाल यादव के रूप में हुई है। वह ई-रिक्शा चलाकर अपना जीवन यापन करते थे और पिछले कई दिनों से लापता थे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई थी।

पिता को मारकर नाले में फेंका

बुधवार को गांव के एक डिग्री कॉलेज से करीब 200 मीटर दूर सूखे नाले के किनारे उनका शव बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कुछ ही दिनों में पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतक के बेटे गुड्डू यादव उर्फ राम गिरी और उसके 18 वर्षीय बेटे आकाश यादव ने मिलकर की थी। दोनों ने गला दबाकर रामदयाल यादव की हत्या कर दी और शव को नाले के पास फेंक दिया था।

जमीन के लिए चल रहा था विवाद

क्षेत्राधिकारी विनय गौतम के अनुसार, मृतक के नाम करीब 10 बिस्वा जमीन थी। आरोपी बेटे को आशंका थी कि उसके पिता जमीन बेचकर छोटे बेटे को आर्थिक मदद कर सकते हैं। इसी शक और लालच ने उसे इतना अंधा बना दिया कि उसने अपने बेटे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गांव से ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों का पहले कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।

कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जमीन और संपत्ति के लालच में आखिर रिश्तों की अहमियत कहां खोती जा रही है।  एक पिता, जिसने अपने परिवार को खड़ा करने में पूरी जिंदगी लगा दी, उसी की जान उसके अपने बेटे और पोते ने ले ली। 

रिपोर्ट- जागृति श्रीवास्तव, सुल्तानपुर

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