पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आज भी लंबी अवधि के निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद योजनाओं में गिना जाता है. केंद्र सरकार की गारंटी वाली इस स्कीम को खासतौर पर नौकरीपेशा और सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले लोग पसंद करते हैं. इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम नहीं होता और टैक्स फ्री रिटर्न का फायदा भी मिलता है.

वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र से PPF में नियमित निवेश शुरू करे, तो वह रिटायरमेंट तक करीब 1.54 करोड़ रुपये का टैक्स फ्री फंड तैयार कर सकता है. इसके लिए हर साल 1.5 लाख रुपये का निवेश लगातार 30 साल तक करना होगा.
30 साल तक निवेश से बन सकता है बड़ा फंड
PPF खाते में एक वित्त वर्ष के दौरान अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. अगर कोई निवेशक 30 साल की उम्र से हर साल यह पूरी राशि निवेश करता है और 60 साल की उम्र तक इसे जारी रखता है, तो 7.1 फीसदी सालाना ब्याज दर के हिसाब से करीब 1.54 करोड़ रुपये का फंड बन सकता है.
इस दौरान कुल निवेश 45 लाख रुपये का होगा, जबकि अनुमानित ब्याज से करीब 1.09 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है. हालांकि यह गणना मौजूदा ब्याज दर 7.1 फीसदी के आधार पर की गई है और भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव संभव है.
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कंपाउंडिंग का मिलता है बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का कहना है कि PPF में जल्दी निवेश शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का होता है. लंबे समय तक पैसा जमा रहने से ब्याज पर भी ब्याज मिलता रहता है, जिससे छोटी-छोटी रकम भी समय के साथ बड़ा फंड बन जाती है.
अगर कोई व्यक्ति 30 साल की बजाय 40 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है, तो कंपाउंडिंग के लिए कम समय मिलेगा और रिटायरमेंट फंड काफी छोटा हो सकता है.
15 साल बाद भी जारी रख सकते हैं निवेश
PPF खाते की मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है. हालांकि निवेशक इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे भी बढ़ा सकते हैं. यानी व्यक्ति अपनी रिटायरमेंट उम्र तक निवेश जारी रख सकता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर वित्त वर्ष में 5 अप्रैल तक एकमुश्त 1.5 लाख रुपये जमा करने पर पूरे साल का ब्याज लाभ मिलता है.
टैक्स में भी मिलता है बड़ा फायदा
PPF को EEE यानी Exempt-Exempt-Exempt टैक्स सुविधा मिलती है. इसका मतलब निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री रहता है और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स फ्री होती है. इसी वजह से PPF को रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सबसे सुरक्षित और टैक्स बचाने वाली योजनाओं में शामिल किया जाता है.





