देशभर में तेजी से बढ़ रहे सड़क नेटवर्क के बीच अब सरकार ने नेशनल हाईवे से कमाई बढ़ाने का बड़ा प्लान तैयार किया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वित्त वर्ष 2027 में 1,692.5 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों को मॉनेटाइज करने का फैसला लिया है। इस योजना के जरिए सरकार करीब ₹35,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। खास बात यह है कि यह पूरा प्लान देश के बड़े आर्थिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

NHAI ने जिन हाईवे स्ट्रेच को मॉनेटाइजेशन के लिए चुना है, वे 9 राज्यों में फैले हुए हैं। इनमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और झारखंड शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन सड़कों पर ट्रैफिक की मजबूत संभावना और बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण निवेशकों की अच्छी रुचि देखने को मिल सकती है।
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TOT और InvIT मॉडल से होगी कमाई
यह मॉनेटाइजेशन टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (TOT) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) मॉडल के जरिए किया जाएगा। इन मॉडलों के तहत प्राइवेट कंपनियां और संस्थागत निवेशक पहले से चालू हाईवे परियोजनाओं में निवेश करेंगे और बदले में टोल से कमाई करेंगे। इससे सरकार को नई सड़क परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।
कौन-कौन से हाईवे शामिल?
मॉनेटाइजेशन लिस्ट में कई महत्वपूर्ण हाईवे सेक्शन शामिल हैं। इनमें दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से रोहतक तक NH-9 का 52 किलोमीटर हिस्सा, हिसार-दबवाली सेक्शन, यूपी-हरियाणा बॉर्डर से पंचकूला तक NH-344, झारखंड का हजारीबाग-कोडरमा मार्ग और वाराणसी-बिरनोन सेक्शन जैसे अहम रास्ते शामिल हैं।
हाईवे नेटवर्क को मिलेगा नया बूस्ट
सरकार का कहना है कि इस योजना से न सिर्फ नई सड़क परियोजनाओं के लिए पैसा जुटेगा, बल्कि देश के हाईवे नेटवर्क का तेजी से आधुनिकीकरण भी होगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, माल ढुलाई तेज करने और राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
FY26 में भी हुई थी बंपर कमाई
NHAI ने वित्त वर्ष 2026 में हाईवे मॉनेटाइजेशन के जरिए करीब ₹29,000 करोड़ जुटाए थे। अब सरकार ने FY27 के लिए इससे भी बड़ा लक्ष्य तय किया है। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश और तेजी से बढ़ सकता है।





