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अदाणी ग्रुप ने पलटी बाजी हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुआ सारा नुकसान पूरा, मार्केट वैल्यू 19 लाख करोड़ के पार

नई दिल्ली: अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी के समूह (अदाणी ग्रुप) की कंपनियों ने साल 2023 में एक अमेरिकी शॉर्ट-सेलर की तीखी रिपोर्ट के कारण हुए अपने पूरे नुकसान की भरपाई कर ली है। रेगुलेटरी (नियामक) चुनौतियों से सफलतापूर्वक उबरते हुए समूह ने शेयर बाजार में शानदार वापसी की है। अदाणी ग्रुप की सभी 9 लिस्टेड कंपनियों ने अपनी मार्केट वैल्यू में करीब 150 अरब डॉलर (लगभग $150 बिलियन) की रिकवरी की है। गौरतलब है कि अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग रिसर्च ने इस पोर्ट्स-टू-पावर (बंदरगाह से लेकर बिजली क्षेत्र तक फैले) समूह पर कॉर्पोरेट जगत में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई थी।

अदाणी ग्रुप ने पलटी बाजी हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुआ सारा नुकसान पूरा, मार्केट वैल्यू 19 लाख करोड़ के पार
अदाणी ग्रुप ने पलटी बाजी हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद हुआ सारा नुकसान पूरा, मार्केट वैल्यू 19 लाख करोड़ के पार

बुधवार को शेयरों में जोरदार उछाल

बुधवार के कारोबारी सत्र में अदाणी ग्रुप के सभी नौ शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इस तेजी की अगुवाई अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (Adani Total Gas Ltd.) ने की, जिसके शेयर में 13% का जोरदार उछाल देखा गया। वहीं, अदाणी पावर लिमिटेड (Adani Power Ltd.) ने भी अपने रिकॉर्ड रैली को आगे बढ़ाया, जिससे इस साल अब तक इसका कुल लाभ करीब 75% तक पहुंच गया है। इसके साथ ही समूह की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेस लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd.) के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।

19 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा कुल मूल्य

इस शानदार रिकवरी के बाद बुधवार को अदाणी ग्रुप का संयुक्त बाजार मूल्यांकन (कंबाइंड मार्केट वैल्यू) 19 लाख करोड़ रुपये ($199 बिलियन) के स्तर को पार कर गया। हालांकि, अगर डॉलर के संदर्भ में बात की जाए, तो यह अभी भी हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने से पहले के स्तर से करीब 20 अरब डॉलर ($20 बिलियन) कम है। यह रिकवरी अदाणी ग्रुप के लिए एक बहुत बड़ा टर्नअराउंड (बड़ा बदलाव) है, जिसने हिंडनबर्ग के आरोपों और उसके बाद शेयरों में आई भारी गिरावट के असर से निपटने में करीब तीन साल का वक्त बिताया है। अडानी समूह ने इन आरोपों को हमेशा सिरे से खारिज किया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय नियामक जांच में भी हिंडनबर्ग के दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

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अमेरिकी फैसले और विदेशी निवेशकों से मिली ताकत

अदाणी समूह की इस वापसी की रफ्तार हाल ही में अमेरिका में हुए कुछ सकारात्मक घटनाक्रमों के बाद और तेज हो गई है। अमेरिकी न्याय विभाग (Justice Department) ने अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोपों को हटाने का फैसला किया है। इसके साथ ही, कैपिटल ग्रुप (Capital Group) जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने भी अडानी समूह में अपनी हिस्सेदारी (एक्सपोजर) बढ़ानी शुरू कर दी है।

अदाणी पावर बना ग्रुप की सबसे मूल्यवान कंपनी

वर्तमान में अदाणी पावर ($50 बिलियन से अधिक के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ) समूह की सबसे मूल्यवान कंपनी बनकर उभरी है और इसने इस पूरी बढ़त की अगुवाई की है। वैश्विक और घरेलू निवेशक अब अडानी समूह की कंपनियों को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) के विस्तार, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और एनर्जी ट्रांजिशन (ऊर्जा परिवर्तन) पर एक बड़े और भरोसेमंद दांव के रूप में देख रहे हैं।

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