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ऐसी क्या आफत कि युद्ध के बीच पुतिन धड़ाधड़ बेच रहे हैं सोना,टूटा 24 सालों का रिकॉर्ड

Russia Gold Sell-Off: रूस सिर्फ अपने तेल और गैस भंडार के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि अपने अथाह सोने के लिए भी दुनिया में पहचान रखता है. रूस के पास करीब 2304.75 टन सोने का भंडार है, जिसकी वैल्यू करीब 337.5 अरब डॉलर का है. पहले धड़ाधड़ सोना खरीदने वाला रूस अब बीते कुछ सालों से लगातार अपना सोना बेच रहा है. अगर सिर्फ 2026 के आंकड़ों को ही देखें तो मई में सेंट्रल बैंक ऑफ रशिया ने करीब 73.9 मिलियन औंस सोना बेच दिया, इससे पहले जनवरी से लेकर अप्रैल 2026 में रूस ने 900,000 औंस सोने की बिक्री कर ही, जो करीब 28 टन के बराबर है. ये गिरावट कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2002 के बाद से रूस से कभी इतना सोना नहीं बेचा था. रूस के गोल्ड रिजर्व में आई ये गिरावट 24 सालों में सबसे बड़ी है.

ऐसी क्या आफत कि युद्ध के बीच पुतिन धड़ाधड़ बेच रहे हैं सोना,टूटा 24 सालों का रिकॉर्ड
ऐसी क्या आफत कि युद्ध के बीच पुतिन धड़ाधड़ बेच रहे हैं सोना,टूटा 24 सालों का रिकॉर्ड

रूस से 24 साल में सबसे ज्यादा सोना बेचा
साल 2026 में रूस के गोल्ड रिजर्व में आई ये गिरावट 24 सालों के उच्चतम स्तर पर है. बर्लिन न्यूज आउटलेट bne Intelli News की रिपोर्ट के मुताबिक बीते कुछ सालों से रूस खूब सोना बेच रहे हैं. रूस के सेंट्रल बैंक ने साल 2022 से 2025 के बीच करीब 150 अरब डॉलर का सोना बेचा. वहीं साल 2026 के शुरुआती दो महीनों में 35 अरब डॉलर का सोना बेचा. अप्रैल तक सोने की ब्रिकी का आंकड़ा 21.8 टन तक पहुंच गया.

पहले खरीदा 1900 टन सोना, अब क्यों बेच रहा गोल्ड
साल 2002 से 2025 के बीच रूस ने 1900 टन से अधिक सोना खरीदा था. साल 2008 से 2012 के बीच करीब 500 टन सोना खरीदा. साल 2014 से 2019 के बीच 1200 टन सोना खरीदा गया. साल 2026 में रूस से सोने पर अपनी गणनीति को पूरी तरह से बदल दिया और ताबड़तोड़ सोना बेचना शुरू कर दिया. Kitco की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के साथ युद्ध के बाद रूस का खर्च बढ़ रहा है. कमाई और खर्च के बीच बढ़ते अंतर की वजह से रूस को अपने सोने के भंडार का सहारा लेना पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक रूस का बजट घाटा 4.6 ट्रिलियन तक पहुंच गया है. सरकार कमाई से ज्यादा खर्च कर रही है. ऐसे में वो इस खर्च की भरपाई सोना बेचकर कर रही है.

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रूस क्यों बेच रहा है अपना सोना ?
युद्ध के साथ-साथ अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंध रूस की मुश्किल बढ़ा रहे हैं. रूस की निर्यात में सबसे बड़ी भागीदारी कच्चे तेल और गैस की है. अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से रूस का निर्यात प्रभावित हुआय वहीं ऊर्जा की ऊंची कीमतों और करेंसी रूबल को सहारा देने के लिए रूस को अपना सोना बेचना पड़ा है. एक वजह और भी है, इस वक्त सोना बेचकर रूस मोटा मुनाफा कमा रहा है. सोने की ऊंची कीमतों की वजह से रूस को जबरदस्त रिटर्न मिला है. रूस ने सस्ता सोना खरीदा और अब जबकि ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत हाई पर है उसे बेचकर मुनाफावसूली कर रहा है .

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