क्या ठंडा पानी हमारे डाइजेशन को खराब करता है? खाना खाने के बाद इसे पीने से क्या फूड को पचने में प्रॉब्लम आती है. ठंडे पानी को लेकर ऐसे कई सवाल उठते हैं. इसलिए लोग कई मिथक पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं. इस मुद्दे पर टीवी9 ने सर गंगाराम हॉस्पिटल में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा से बात की. दरअसल, ठंडे पानी पीने में स्वाद लगता है इसलिए गर्मियों में इसे अमूमन हर कोई पसंद करता है. हेल्थ केयर को ध्यान में रखने वाले ठंडे की जगह गर्म पानी को ज्यादा बेहतर मानते हैं और देखा जाए तो ऐसा है भी.
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लेकिन सोशल मीडिया पर ठंडे पानी को लेकर कई वीडियो वायरल हो रखे हैं. इनमें एक सवाल ये भी है कि क्या ये हमारे डाइजेशन पर बुरा असर डालता है. चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं..
ठंडा पानी क्या डाइजेशन को पहुंचाता है नुकसान?
सर गंगाराम हॉस्पिटल में इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा कहते हैं कि नॉर्मल फूड डाइजेशन में इंजेस्टेड खाने या इंजेस्टेड टेंपरेचर ऑफ वाटर का कोई कनेक्शन नहीं होता. आप चाहे ठंडा पिएं या गर्म पानी…पेट में जाने के बाद बॉडी में एक बहुत अच्छा सिस्टम होता है जो कि ठंडे या गर्म पानी को नॉर्मल टेंपरेचर पर बदल देता है. सामान्य तौर पर देखा जाए तो ठंडा पानी पीने से हमारे डाइजेशन को कोई नुकसान नहीं होता है.
इन गलतफहमियों पर न करें भरोसा
कुछ गलतफहमियां हैं कि अगर ठंडा पानी पिएंगे तो फैट क्रिस्टलाइज हो जाता है. पर ओवरऑल साइंटिफिक स्टडीज में देखा गया है कि ठंडा पानी से पेट का स्वास्थ्य बिगड़ता नहीं है. लोग मानते हैं कि खाने के बाद ठंडा पानी पीने से खाना सिकुड़ जाता है, जबकि ये महज एक गलतफहमी है.
इन बीमारियों में पहुंचाता है नुकसान
हमें ये ध्यान रखना चाहिए कि कुछ पेट की बीमारियां होती हैं जैसे की इरिटेबल बाउल सिस्टम (आईबीएस), पेट से जुड़ी बीमारिया जिनमें सेंसिटिविटी ज्यादा होती है. उस कंडीशन में ठंडे पानी पीने से लक्षण और बढ़ जाते हैं. डॉ. अनिल अरोड़ा कहते हैं कि ठंडा पानी नॉर्मल डाइजेशन को नुकसान पहुंचाता है ये महज एक मिथक है. आप सही मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं.
ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचें
गर्मी में आप ठंडा पानी पी सकते हैं लेकिन ये कोशिश करें कि ये ज्यादा कोल्ड न हो. ठंडे पानी से सेहत को नुकसान हो सकता है. अगर कोई गर्मी में घर आता है और तुरंत ठंडा पानी पीता है तो इससे बॉडी टेंपरेचर बिगड़ता है. ऐसे में सर्दी-खांसी या जुकाम हो जाती है.
अस्थमा या साइनस वाले लोग, माइग्रेन के मरीज, गले में बार-बार संक्रमण होने वाले लोग, छोटे बच्चे और बुजुर्गों को इसे पीने से परहेज करना चाहिए. इसे पीने का सही तरीका है कि आप इसे एकदम से गटागट न पिएं. धूप में से आने के बाद तुरंत बर्फ वाला पानी न पिएं. जरूरत पड़े तो इसमें ओआरएस या नींबू मिलाकर पिएं.





