दुनिया के सबसे अमीर शख्स Elon Musk की सालाना सैलरी सुनकर कोई भी चौंक सकता है. SpaceX की नई फाइलिंग के मुताबिक मस्क को सिर्फ 54,080 डॉलर यानी करीब 52 लाख रुपये सालाना मिलते हैं. इसके बावजूद उनकी नेट वर्थ 800 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है. सवाल यह है कि इतनी कम सैलरी लेने वाला शख्स आखिर दुनिया का सबसे अमीर इंसान कैसे बन गया? इसका जवाब उनकी कंपनियों में हिस्सेदारी, स्टॉक ऑप्शंस और बड़े वैल्यूएशन में छिपा है.

एलन मस्क की कमाई का तरीका आम कॉर्पोरेट CEOs से बिल्कुल अलग है. ज्यादातर कंपनियों के बड़े अधिकारी करोड़ों डॉलर की सैलरी और बोनस लेते हैं, लेकिन मस्क ने अपनी दौलत का रास्ता वेतन नहीं बल्कि मालिकाना हक और स्टॉक आधारित कम्पंसेशन को बनाया. हाल ही में SpaceX की IPO फाइलिंग में खुलासा हुआ कि मस्क को 2019 से सालाना सिर्फ 54,080 डॉलर की बेस सैलरी मिल रही है. यह रकम अमेरिका की औसत घरेलू आय से भी कम मानी जा रही है. लेकिन असली खेल उनकी कंपनी में हिस्सेदारी का है.
स्पेसएक्स के शेयरों से कमाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्क के पास SpaceX के करीब 50% शेयर हैं और वोटिंग कंट्रोल भी बेहद मजबूत है. कंपनी का अनुमानित वैल्यूएशन 1 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच चुका है. ऐसे में सिर्फ SpaceX में उनकी हिस्सेदारी की कीमत ही 600 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी जा रही है. मस्क के लिए SpaceX ने एक खास मल्टी-प्लेनेटरी परफॉर्मेंस पैकेज भी तैयार किया है. इसके तहत कंपनी कुछ बड़े लक्ष्य हासिल करती है तो मस्क को करोड़ों अतिरिक्त शेयर मिल सकते हैं. इनमें कंपनी का वैल्यूएशन 7.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना और मंगल ग्रह पर स्थायी मानव बस्ती बसाने जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल हैं. इसके अलावा, उन्हें स्टॉक ऑप्शंस भी दिए गए हैं. स्टॉक ऑप्शन का मतलब होता है कि किसी तय कीमत पर भविष्य में शेयर खरीदने का अधिकार. अगर कंपनी का वैल्यू तेजी से बढ़ता है तो इन शेयरों की कीमत कई गुना हो जाती है. यही वजह है कि मामूली सैलरी के बावजूद मस्क की संपत्ति लगातार बढ़ती गई.
अलग है मस्क का सैलरी मॉडल
वहीं, Tesla में भी मस्क का वेतन मॉडल अलग है. उन्हें पारंपरिक सैलरी नहीं मिलती, बल्कि कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर शेयर दिए जाते हैं. Tesla ने हाल की फाइलिंग में बताया कि मस्क के लिए लगभग 158 अरब डॉलर का संभावित कम्पंसेशन पैकेज तैयार किया गया है, लेकिन यह तभी मिलेगा जब कंपनी बेहद बड़े बिजनेस टारगेट पूरे करेगी. इन लक्ष्यों में Tesla का मार्केट वैल्यू 8.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना, सालाना 2 करोड़ वाहनों की डिलीवरी, रोबोटैक्सी नेटवर्क का विस्तार और AI आधारित बिजनेस को बढ़ाना शामिल है. अगर ये लक्ष्य पूरे होते हैं तो मस्क को करोड़ों अतिरिक्त टेस्ला शेयर मिल सकते हैं.
Khabar Monkey
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