8 मई के बाद से डॉलर के सामने रुपए को लगातार नुकसान हो रहा था. रुपए में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. 8 मई के बाद से 20 मई तक रुपए में डॉलर के सामने 3.35 रुपए की गिरावट देखने को मिल चुकी थी. सभी लोग मानकर चल रहे थे कि पहले 97 फिर 98 उसके बाद कुछ ही हफ्तों में 100 का लेवल पार हो जाएगा. लेकिन डॉलर का घमंड टूटना अभी बाकी था. गुरवार को करेंसी मार्केट में ऐसी बाजी पलटी की हर कोई देखतना रह गया.

डॉलर के सामने रुपए ने ऐसी मजबूती दिखाई कि बाजार बंद होने तक रुपए में 0.50 फीसदी की तेजी देखने को मिली और डॉलर के सामने रुपया 96 के लेवल पर आता हुआ दिखाई दिया. जानकारों का कहना है कि जिस तरह से ट्रंप का बयान आया है और आरबीआई की ओर से ब्याज दरों में इजाफे के संकेत मिले हैं. उससे रुपए में सुधार देखने को मिला है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर करेंसी मार्केट में रुपए ने किस तरह से डॉलर का घमंड चूर-चूर किया है.
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रुपए में जबरदस्त उछाल
गुरुवार को, जियो पॉलिटिकल टेंशन कम होने के संकेतों और सेंट्रल बैंक के संभावित दखल के बीच, कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तरों से नीचे आने के बाद, रुपया अपने अब तक के सबसे निचले बंद भाव से 49 पैसे सुधरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.37 पर बंद हुआ. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने कहा कि हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद रुपये में मजबूती आई है.
लेकिन निवेशक अभी भी पृष्ठभूमि में भू-राजनीतिक जोखिम और तेल की कीमतों के प्रति संवेदनशीलता का आकलन कर रहे हैं. फॉरेक्स ट्रेडर्स ने बताया कि रुपए के लिए एक साल का फॉरवर्ड मार्केट रेट बुधवार को 100/USD के अहम स्तर को छू गया. यह संकेत देता है कि करेंसी मार्केट अगले 12 महीनों में USD/INR जोड़ी में कमजोरी की संभावना को ध्यान में रखकर कीमतें तय कर रहे हैं.
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में, रुपया डॉलर के मुकाबले 96.25 पर खुला, फिर इंट्राडे ट्रेड में शुरुआती ऊंचे स्तर 96.05 और निचले स्तर 96.60 को छुआ. गुरुवार के ट्रेडिंग सत्र के अंत में, रुपया 96.37 पर था, जो उसके पिछले बंद भाव से 49 पैसे अधिक था. बुधवार को, रुपया 96.95 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था और बाद में 96.86 पर बंद हुआ, जो कि एक नया निचला बंद भाव भी था. खास बात तो ये है कि 8 मई के बाद से 20 मई तक रुपए लगातार गिरावट देखने को मिल रही थी. आंकड़ों को देखें तो रुपए में इस दौरान 3.35 रुपए की गिरावट देखने को मिली.
क्या और मजबूत होगा रुपया
HDFC सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार ने कहा कि यह सुधार भू-राजनीतिक तनाव कम होने के शुरुआती संकेतों और सेंट्रल बैंक के सक्रिय दखल के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद आया है. आगे चलकर, निवेशकों का ध्यान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और RBI की आने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा पर केंद्रित रहेगा. परमार ने आगे कहा कि तकनीकी दृष्टिकोण से, स्पॉट USDINR को 95.74 पर मजबूत समर्थन मिल रहा है, जबकि तत्काल प्रतिरोध 96.50 पर सीमित है.
इस साल 6 फीसदी से ज्यादा गिरा रुपया
इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.30 पर कारोबार कर रहा था. वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड, वायदा कारोबार में 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.23 USD प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. DBS बैंक की सीनियर इकोनॉमिस्ट राधिका राव और सीनियर FX स्ट्रेटेजिस्ट फिलिप वी द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रुपया तेजी से और नाटकीय रूप से कमज़ोर हो रहा है.
CY26 में डॉलर के मुकाबले यह 6 प्रतिशत से ज़्यादा गिर गया है और लगातार नए रिकॉर्ड निचले स्तरों को छू रहा है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “हमने 2026 के बाकी समय के लिए अपने USD/INR अनुमानों को बढ़ाकर 95-100 की रेंज में कर दिया है. घरेलू शेयर बाज़ार की बात करें तो, सेंसेक्स 135.03 अंक गिरकर 75,183.36 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी बिना किसी बदलाव के 23,654.70 पर बंद हुआ. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने (नेट आधार पर) 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.





