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अनुराग कश्यप को ब्राह्मणों पर टिप्पणी करना पड़ा भारी, सूरत कोर्ट ने दिया केस दर्ज करने का आदेश, जानें क्या है पूरा मामला

अनुराग कश्यप अपने बेबाक और विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चाओं का हिस्सा बने रहते हैं। अब अपने इन्हीं बयानों की वजह से वह मुश्किल में पड़ गए हैं। दरअसल, गुजरात के सूरत की एक अदालत ने शनिवार को फिल्म निर्माता-अभिनेता के खिलाफ ब्राह्मण समुदाय पर सोशल मीडिया में की गई टिप्पणियों को लेकर आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। बता दें कि यह आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) ए.एस. जानी की अदालत ने जारी किया है।

अनुराग कश्यप को ब्राह्मणों पर टिप्पणी करना पड़ा भारी, सूरत कोर्ट ने दिया केस दर्ज करने का आदेश, जानें क्या है पूरा मामला
अनुराग कश्यप को ब्राह्मणों पर टिप्पणी करना पड़ा भारी, सूरत कोर्ट ने दिया केस दर्ज करने का आदेश, जानें क्या है पूरा मामला

कोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद के नेता और वकील कमलेश रावल द्वारा दायर निजी शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए कश्यप के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में नोट किया कि यह मानने पर्याप्त कारण है कि सोशल मीडिया पोस्ट को आरोपी द्वारा ऐसे वायरल किया गया था, जिससे एक निश्चित समुदाय को बदनाम किया जा सके।

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इन धाराओं के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

न्यायालय ने अनुराग कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 352 (सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 353 (2) (झूठी सूचना प्रसारित करना) के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।

क्या था पूरा मामला?

बता दें कि यह मामला बीते साल सामने आए था, जब ‘ऑल इंडिया ब्राह्मण समाज’ ने फिल्म ‘फुले’ के ट्रेलर रिलीज पर आपत्ति जताई थी। फिर इसके जवाब में अनुराग कश्यप ने कथित रूप से सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ब्राह्मण समुदाय को अपमानित करने वाला एक बयान पोस्ट किया था। फिर जब लोगों ने कश्यप की पोस्ट पर आपत्ति जताई, तो निर्माता ने जवाबी पोस्ट में फिर से उसी समुदाय को अपमानित करने वाला कमेंट किया था।

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फिर शिकायतकर्ता कमलेश रावल ने कश्यप की पोस्ट को लेकर आपत्ति जताते हुए अदालत का रुख किया। उन्होंने कहा कि उस पोस्ट की वजह से ब्राह्मण समुदाय की बदनामी हुई है। अपनी शिकायत में कमलेश ने यह भी बताया कि, कश्यप ने इससे पहले 8 जनवरी, 2020 को भी हिंदुओं के लिए एक आपत्तिजनक पोस्ट की थी।

जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर जातिवादी और आपराधिक मानसिकता रखने का आरोप लगाया। रावल के मुताबिक इस मामले में अनुराग के खिलाफ कई बार समन भी भेजे गए, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। फिर उनके खिलाफ अदालत में गैर हाजिर होने और जवाब न देने के एक गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया था।

क्या था अनुराग कश्यप का पोस्ट

अनुराग कश्यप ने जो पोस्ट किया था, उसमें उन्होंने लिखा था कि फिल्म ‘धड़क 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान सेंसर बोर्ड का कहना था कि देश में जातिवाद खत्म हो गया, लेकिन अब ब्राह्णणों को ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले से समस्या हो गई। अगर जातिवाद खत्म हो गया तो किसी को फुले से समस्या नहीं होनी चाहिए। इसी पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जातिवाद और ब्राह्मण समुदाय पर कई कटाक्ष किए। जिससे ब्राह्मण समुदाय ने गहरी आपत्ति जताई थी।

इसके बाद जब कश्यप की इस पोस्ट पर एक यूजर ने कमेंट किया था कि ब्राह्मण तुम्हारे बाप हैं, जितना तुम्हारी उनसे सुलगेगी, उतना सुलगाएंगे। इसका जवाब भी निर्माता-निर्देशक ने बेहद आपत्तिजनक कमेंट करते हुए दिया था। 

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