वजन कम करने की जिस कहानी के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं वो सिर्फ एक वेट लॉस जर्नी नहीं है, बल्कि ये किसी इंसान हुमिलिएशन से कमबैक की स्टोरी है. कैसे 165 किलो वजन की वजह से उन्हें चिढ़ाया जाता था और बुलिंग इतनी ज्यादा होती थी कि वह खुद को शीशे में भी नहीं देख पाते थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने खुद नेचुरली 75 किलोग्राम वजन कम किया. हम बात कर रहे हैं कुशाल की जो आज अपनी वेट लॉस जर्नी से इंस्पिरेशन बन चुके हैं और एक इंफ्लुएंसर भी हैं. उन्होंने वेट कम करने के साथ ही अपने कॉन्फिडेंस को भी बूस्ट किया और वो भी बिना किसी सपोर्ट के. उन्होंने टीवी9 के साथ शेयर किया कि कैसे वेट लॉस का फैसला लिया. उनका खाना पहले और बाद में कैसा होता था.

कुशाल ने ये भी शेयर किया कि उन्हें जब स्कूल में बुली किया जाता था तो वो टीचर्स से कहते थे, लेकिन उनका भी यही जवाब होता था कि जाओ वेट लॉस करके आओ. टीचर्स के अलावा पेरेंट्स का भी कोई सपोर्ट नहीं होता था. उन्होंने एक टर्निंग पॉइंट बताया जब उन्होंने ये ठान लिया कि अपना वजन कम करना है. इसी के साथ ये भी शेयर किया कि अपनी वेट लॉस जर्नी में क्या-क्या गलतियां की जो किसी को नहीं करनी चाहिए. तो चलिए जान लेते हैं कुशाल की ये इंस्पिरेशनल वेट लॉस जर्नी की स्टोरी.
कैसा था पहले उनका रूटीन?
जब 165 kg आपका वेट था तब आपकी डेली लाइफ कैसी थी? इस सवाल के जवाब में कुशाल कहते हैं कि अगर सिंपल वर्ड्स में कहूं तो लाइफ पूरी ओवर थी. लाइफ में कुछ भी नहीं था क्योंकि लेट उठना, मील्स को प्रॉपर ना लेना, डाइट के बारे में नॉलेज ना होना, सब कुछ सब कुछ मेस अप था। कोई प्रॉपर शेड्यूल नहीं था. वह कहते हैं कि उस दौरान मॉर्निंग में 8 से 10 परांठे होते थे साथ ही चाय रहती थी. इसके अलावा हर आधे घंटे 15 मिनट में कुछ ना कुछ खाने के लिए चाहिए होता था, क्योंकि सेटिस्फेक्शन नहीं होती दिखाने में ना कुछ ना कुछ बैक टू बैक चाहिए.
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बुलिंग और सपोर्ट की कमी
कुशाल बताते हैं कि मुझे बॉडी वेट के बारे में कुछ नहीं पता था, लेकिन जब आप बड़ी क्लास (10th में आए थे) में शिफ्ट होते हैं तो वहां पर मुझे बुली करना शुरू किया. उस चीज की वजह से अंदर से फील होने लगा और जब मैं टीचर्स को जाके बोलता था तो एट द एंड यही कहते थे कि आप अपना वेट लॉस करके आओ. इस तरह से प्रेशराइज किया जाता था. पेरेंट्स से भी कोई सपोर्ट नहीं होता था. मन में सिर्फ यही चल रहा होता है लोगों का जजमेंट कि लोग क्या सोचेंगे? एक टर्निंग पॉइंट ऐसा आता है कि वो चीजें सर से बाहर जाती हैं और आप अपना स्टेप लेते हो. वहां से आपकी जर्नी स्टार्ट होती है.
Image:khushalfitness/insta
ये था वेट लॉस का टर्निंग पाइंट
कुशाल ने एक इंसिडेंट शेयर करते हुए बताया कि उस दिन उनका बर्थडे था, इसलिए उनके फादर ने उन्हें कपड़े दिलाने के लिए लेकर गए. वह कहते हैं कि मैं उन्हीं के साथ खड़ा था, लेकिन ये नहीं बोला कि मेरा बेटा साथ खड़ा है. कुशाल बताते हैं कि उनके फादर भी ओवरवेट है तो उन्होंने अपना एग्जांपल दिया कि उनके लिए कपड़े दिखा दो. यही वो टर्निंग पॉइंट था, जहां से मैंने अपनी वेट लॉस जर्नी स्टार्ट की.
कैसे किया स्टार्ट?
कुशाल कहते हैं कि नॉलेज बिल्कुल नहीं थी, तो सबसे पहले अपने खाने को मैंने थोड़ा सा पोर्शन साइज कम किया और खाना खाने से पहले एक-ए दो-दो गिलास पानी पीता था ताकि मेरा टेस्ट भी बना रहे और मैं फुल भी महसूस करूं. वह कहते हैं कि मैंने भी जब अपनी जर्नी स्टार्ट करी थी, मैं फाइनेंशियली स्टेबल नहीं था, तो मैंने बेबी स्टेप लिए चार अंडों से शुरू किया. घर से 10 से ₹20 मिलते थे, तो आपको रिसोर्सेज नहीं देखने हैं. जैसे भी रिसोर्सेज हैं बस आपको स्टार्ट करना है.
क्या की गलतियां?
कुशाल कहते हैं कि एज अ बिगिनर जब मैंने सबसे बड़ी गलती ये थी कि मैं औरों की सोशल मीडिया पर ट्रांसफॉर्मेशन देखता था. मेरे को ये लगता था कि 75 kgs का जो नंबर है वो एक फिट बॉडी के लिए होता है. तो मैं बस कार्डियो पे डिपेंड हो गया था. उन्होंने बताया कि कार्डियो ने वेट लॉस की स्पीड इतनी तेज कर दी थी कि मैं हर 2 दिन के अंदर 1 किलो लूज कर रहा था, लेकिन ये मेरी सबसे बड़ी गलती थी. दरअसल इससे मेरी लूज स्किन हद से ज्यादा बढ़ गई. इसके बाद मैंने डॉक्टर से कंसल्ट किया तो वहां पर मुझे वेट ट्रेनिंग की अहमियत पता लगी.
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इतना लगा वेट लॉस में टाइम
उन्होंने वेट ट्रेनिंग स्टार्ट की और फिर वहां से चीजें फिर रिवर्स हुई. इसमें उनको डबल टाइम लगा. वह कहते हैं कि मैं यही प्रेफर करूंगा हमेशा वेट ट्रेनिंग को अपने फर्स्ट प्रायोरिटी देनी है. कुशाल कहते हैं कि मेरी ट्रांसफॉर्मेशन में ऑलमोस्ट मेरे को 7 साल लग चुके हैं और इसमें मैंने कई गलतियां भी करी है और गलतियों से सीखा भी है.
ऐसे किया वजन कम
कुशाल कहते हैं कि मैंने अपनी जर्नी के अंदर खाना कम नहीं किया बल्कि उसके हेल्दी रिप्लेसमेंट निकाले हैं. कुशाल कहते हैं कि मैं सच बोलूं इंडियन डाइट बहुत अच्छी डाइट है, बस उसके अंदर हमें सिर्फ प्रोटीन सोर्सेस को ऐड करना है और हमारे कार्ब्स ऑलरेडी एडेड है. कोई हेल्दी इंसान है और उसे कम खाना दिया जा रहा है तो उसको सूटेबल नहीं लगेगा. इससे वो सर्वाइव नहीं कर पाएगा. ऐसे में मैंने अपना इंटेक बढ़ाया और एक्टिविटी लेवल को भी बढ़ा दिया. ऐसे में ये मेरा डेफिसिट बना. वह कहते हैं कि मैंने सिंपल सा स्टेप लिया. मैं अपनी फोटो क्लिक करता था और अपनी जर्नी रिकॉर्ड करता था. दो हफ्ते बाद उन्हें कंपेयर करता था तो चाहे 1% का चेंज आए बट दिखता था वो मेरे को तो वही मेरे को मोटिवेट करता था.





