फोन के बिना ज्यादातर काम नहीं किए जा सकते. लेकिन लोग इसके यूज में कई गलतियां भी करते हैं. यहां हम घंटों फोन पर रील्स देखने की बुरी लत की बात कर रहे हैं. बच्चे हो या बड़े.. हर कोई रोज काफी देर तक शॉर्ट वीडियो देखते हैं. इसकी लत इस कदर पड़ी हुई है कि लोग रात में सोने से पहले भी फोन में वीडियो देखते हैं और देर तक जगे रहते हैं. क्या आप जानते हैं कि इस बुरी आदत का असर हमें मोटापा का शिकार भी बनाता है. लोगों को लगता है कि रात में देर तक रील्स या वीडियो देखने से मेंटल हेल्थ बिगड़ती है.

क्या आप भी रात में देर तक फोन देखने की आदी है. बच्चे और युवाओं पर इसका असर ज्यादा है. चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं कि ये कैसे हमें मेंटली ही नहीं फिजिकली भी बीमार कर क रहा है.
रात में देर तक फोन देखने पर क्या होता है?
फेलिक्स ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल के चेयरमेन एंड डायरेक्टर डॉ. डी के गुप्ता ने इस गंभीर मुद्दे पर टीवी9 से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि सोने से पहले देर तक फोन देखने की आदत आज एक कॉमन प्रॉब्लम हो गई है. इसका न सिर्फ दिमाग पर बुरा असर पड़ता है बल्कि हमारी पूरी सेहत भी बिगड़ने लगती है. इस तरह फोन देखने की आदत बच्चों, टीनएजर्स और युवाओं पर ज्यादा बुरा असर डालती है.
छोटी उम्र में ही प्रॉब्लम्स
डॉ. गुप्ता कहते हैं कि छोटी उम्र में ही कई हेल्थ प्रॉब्लम्स लोगों को हो रही है और इसमें नींद न आना या स्लीप साइकिल का डिस्टर्ब होना सबसे कॉमन है. एक्सपर्ट के मुताबिक फोन की ब्लू लाइट से मेलाटोनिन हार्मोन कम होता है. इस वजह से हमें देर से नींद आती है. हम इसे नॉर्मल लेते हैं लेकिन लगातार ऐसा हो तो आगे चलकर कई बड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. इतना ही नहीं रात में सोते समय आंख भी बार-बार खुलती है.
आंखों पर बुरा असर
ज्यादातर लोग मानते हैं कि फोन की लत से सिर्फ हमारी मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है. उन्होंने बताया कि इससे आंखों की हेल्थ भी बिगड़ती है. ऐसे में आंखों में जलन, खुजली या ड्राईनेस आती है. जिन लोगों को पहले से चश्मा लगा हुआ है उन्हें नंबर बढ़ने की सिचुएशन को झेलना पड़ सकता है. ऐसे में सिर में दर्द भी होता है जिसे नजरअंदाज करना सही नहीं है.
याददाश्त और फोकस कम हो जाना
क्या आप जानते हैं कि सोने से पहले देर तक फोन देखने का बुरा असर हमारी याददाश्त और फोकस पर भी पड़ता है. बच्चे लगातार फोन देखते हैं जिस वजह से वे पढ़ाई या बाकी चीजों में फोकस नहीं कर पाते हैं. परफॉर्मेंस अच्छी नहीं होती तो तनाव होता है जिससे चिड़चिड़ापन भी होने लगता है. कई फिजिकल प्रॉब्लम भी होती हैं जिनमें गर्दन में दर्द, पीठ में दर्द और सर्वाइकल का होना शामिल है.
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मोटापा और कमजोरी
डॉक्टर कहते हैं कि नींद पूरी न होने से वीकनेस होती है जिससे फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है और हम वजन बढ़ने या मोटापे की चपेट में आने लगते हैं. आज के समय में बच्चे अनहेल्दी वेट गेन कर रहे हैं और पेरेंट्स को लगता है कि खराब खानपान की वजह से ऐसा हो रहा है. हां, बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल और गलत खानपान से छोटी उम्र में मोटापा होता है लेकिन इसकी एक वजह फोन भी है. दरअसल, देर तक फोन देखने से सुबह थकान होती है.
इस थकान के कारण हमारी फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है जिससे लोग मोटापा या वजन बढ़ने की चपेट में आते हैं. इसके अलावा बच्चों का ग्रोथ हार्मोन भी प्रभावित होता है. कमजोर इम्यूनिटी की चपेट में आने के बाद बच्चे जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं.





