Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में तहसील दिवस के दौरान विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा नजारा देखने को मिला. लालऊ ग्राम पंचायत के नौमील गांव की महिलाओं ने जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर न केवल अधिकारियों का घेराव किया, बल्कि लोकगीत और गानों के माध्यम से अपनी व्यथा सुनाकर प्रशासन को आईना भी दिखाया.
पिछले कई महीनों से घुटनों तक भरे गंदे पानी में रहने को मजबूर नौमील गांव की दर्जनों महिलाएं भारतीय किसान यूनियन (महिला विंग) की जिलाध्यक्ष सावित्री चाहर के नेतृत्व में तहसील पहुंची थीं. जब शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ, तो महिलाओं ने अधिकारियों के सामने गाना गाकर अपनी समस्या रखी. उनके इस अनोखे प्रदर्शन ने वहां मौजूद सभी लोगों और अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही सावित्री चाहर ने बताया कि जलभराव के कारण ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है. उन्होंने कहा, “हमने कई बार लिखित और मौखिक रूप से अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. विवश होकर आज हमें इस तरह से अपना विरोध दर्ज कराना पड़ा. अगर अब भी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा.”
एडीएम ने महिलाओं का दिया आश्वासन
महिलाओं के कड़े तेवर और अनोखे प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आया है. एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बताया कि महिलाओं की शिकायत दर्ज कर ली गई है. समस्या के समाधान के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया गया है. मौके पर सरकारी टीम भेजकर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि ग्रामीणों को जल्द राहत मिल सके.
फिलहाल, प्रशासन के आश्वासन के बाद महिलाएं शांत हुई हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक उनके रास्ते और घर सूखे नहीं हो जाते.





