Iran attack on US: क्या ईरान किसी भी वक्त अपना परमाणु बम टेस्ट करने वाला है? ये सवाल उठा है ईरान के नेवी के टॉप कमांडर एडमिरल शाहराम ईरानी के एक बयान के बाद. दरअसल ईरान के सरकारी मीडिया को दिए इंटरव्यू में नेवी के टॉप कमांडर शाहराम ईरानी ने 3 बहुत बड़ी बातें कही हैं. ईरानी ने कहा कि ईरान का दुश्मन जल्द एक नये हथियार का सामने करेगा. ईरान के इस हथियार से दुश्मन बहुत डरता है. जिससे दुश्मन (अमेरिका-इजरायल) के नेताओं को हार्ट अटैक आ सकता है.

ट्रंप-नेतन्याहू को नाम सुनकर आ जाएगा हार्ट अटैक: शाहराम ईरानी
ईरान की ओर से अमेरिका और इजरायल पर बड़े हमले की धमकी दी गई है. ईरान के पास वो कौन का सीक्रेट हथियार है जिसके दम पर ईरान समुद्र में युद्धपोत को तबाह करने की धमकी दे रहा है. ईरानी नेवी के कमांडर रियर एडमिरल शाहराम ने कहा है कि यह हथियार दुश्मनों के करीब है और इसका इतना डर है कि उनके नेताओं को हार्ट अटैक आ सकता है. अपनी बात दोहराते हुए ईरानी ने फिर कहा, ‘इस्लामिक गणराज्य ईरान बहुत जल्द दुश्मन सेनाओं का सामना एक ऐसे हथियार से करेगा, जिससे वे बहुत डरते हैं. यह हथियार दुश्मनों के एकदम करीब है, मुझे डर है कि उनके नेताओं को हार्ट अटैक आ सकता है.’
दुनिया जानती हैं कि अमेरिका और इजरायल जैसे ईरान के दुश्मन ईरान की मिसाइलों से नहीं. सिर्फ उसके एटमी मंसूबे से डरते हैं. इसलिए अब आशंका जताई जा रही है कि कहीं ईरान एटम बम बनाने में कामयाब तो नहीं हो गया हैं. क्योंकि उसके पास 60% तक संवर्धित यूरेनियम पहले से है. 90% तक संवर्धन सिर्फ 2 हफ्ते में किया जा सकता है. ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर को इससे ज्यादा वक्त बीत चुका है. यानी ईरान के पास इतना वक्त था कि वो सुविधा मिलने पर एटम बम बना सकता है.
रूस ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr Nuclear Plant) को संचालित करने और इसके विस्तार की कई यूनिट्स में तकनीकी मदद कर रहा है. 28 फरवरी के हमले के बाद रूस ने अपने लोगों को ईरान के प्लांट्स से बाहर निकाला था.
रूस को अपना यूरेनियम सौपेंगा ईरान?
रूस ने ईरान और अमेरिका की जंग रुकवाने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है. कुछ रिपोर्ट्स में ऐसे प्रस्तावों का दावा किया जा रहा है कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्लान कुछ सालों के लिए टाल सकता है. दावा तो ये भी है कि ईरान अपना सारा यूरेनियम रूस को सौंप सकता है. लेकिन अभी ये तमाम दावे महज अटकलें ही हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि रूस या ईरान ने अबतक नहीं की है.





