Avinash Tiwari Exclusive Interview: बॉलीवुड के वर्सेटाइल एक्टर अविनाश तिवारी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में टीवी9 हिंदी डिजिटल के साथ की खास बातचीत के दौरान अविनाश ने अपने करियर, फैमिली और फिल्मों के चुनाव पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने एक मजेदार और थोड़ा इमोशनल किस्सा साझा किया कि कैसे उनके अपने ही परिवार के बच्चे उनकी फिल्में देखने से कतराते हैं.

सवाल: को आप एक लाइन में कैसे बयां करेंगे?
अविनाश तिवारी का जवाब: अगर मुझे एक शब्द में कहना हो, तो यह फिल्म ‘बवाल’ है! ये एक जबरदस्त फैमिली एंटरटेनर है. ट्रेलर देखने के बाद आप भी समझ गए होंगे कि ये कितनी मजेदार है.
सवाल: आपने इस फिल्म के लिए ‘हां’ क्यों कहा? क्या कोई खास वजह थी?
का जवाब: सच कहूं तो इसके पीछे एक पर्सनल वजह थी. कुछ दिन पहले मैंने अपनी भाभी से पूछा कि मेरे भतीजे-भतीजी ने मेरी कौन-सी फिल्में देखी हैं? उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें कौन-सी दिखाऊं? एक फिल्म में तुम पागल हो गए, एक में चुड़ैल आ गई, कहीं तुम भूत बन गए तो कहीं किसी को गोली मार दी. तब मुझे एहसास हुआ कि मैं टैलेंट दिखाने के चक्कर में ऐसी फिल्में कर रहा हूं जिन्हें मेरे घर के बच्चे ही नहीं देख पा रहे. मैं चाहता था कि एक ऐसी फिल्म करूं, जिसे पूरी फैमिली साथ बैठकर एन्जॉय कर सके.
सवाल: मेधा शंकर के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
अविनाश का जवाब: सच कहूं तो मेधा इस फिल्म को करने की मेरी दूसरी सबसे बड़ी वजह थीं. जब मैंने ’12th फेल’ देखी, तो मुझे उनकी सादगी और एक्टिंग बहुत पसंद आई. मुझे खुशी है कि हमें साथ काम करने का मौका मिला.
सवाल: इस फिल्म में तो शादी का माहौल दिख रहा है, लेकिन क्या कभी असल जिंदगी में आपने कोई शादी ‘गेट क्रैश’ (बिना बुलाए जाना) की है?
अविनाश का जवाब: (हंसते हुए) हां, 2005 में! जब मैं एक्टिंग की ट्रेनिंग ले रहा था, तब मैं और मेरे दोस्त महरौली बदरपुर रोड के पास एक शादी में घुस गए थे. हम छोटे से कमरे में रहते थे और खाने-पीने की दिक्कत रहती थी. तो हमने अच्छे कपड़े पहने और चुपचाप शादी में खाना खाने पहुंच गए. मान लो कि वो हमारी एक एक्टिंग एक्सरसाइज भी थी कि हम पकड़े न जाएं.
सवाल: भले ही इस फिल्म में आप शादीशुदा हों, लेकिन असल जिंदगी की बात करें तो एक आइडियल पार्टनर में आप क्या खूबी देखते हैं?
अविनाश का जवाब: मेरे लिए ट्रांसपेरेंसी सबसे ऊपर है. इसके अलावा, मैं चाहता हूं कि मेरा पार्टनर चीजों को एक पॉजीटिव नजरिए से देखे. मैं इंसिक्योरिटी बिल्कुल भी पसंद नहीं करता. अगर हमने एक-दूसरे को चुना है, तो फिर शक की कोई जगह नहीं होनी चाहिए.
सवाल: अविनाश हमने देखा कि आप जहां भी जाते हो, लोग आपके साथ सेल्फी खींचते रहते हैं. वो आपको देखकर स्टार स्ट्रक होते हैं. लेकिन आपकी जिंदगी का ‘स्टार स्ट्रक’ मोमेंट कौन सा रहा है?
अविनाश का जवाब: मुझे 2013 में अमिताभ बच्चन सर के साथ काम करने का मौका मिला था. जब मैं पहली बार उनके सामने खड़ा हुआ, तो मेरी आंखों के सामने उनकी फिल्मों के फ्लैश आने लगे. मुझे लगा जैसे ‘अग्निपथ’ का सीन चल रहा हो. उनके सामने परफॉर्म करना और खुद को ये याद दिलाना कि हम शूट कर रहे हैं, बहुत मुश्किल था.
आज कल सोशल मीडिया पर एक्टर्स पर अक्सर निशाना साधा जाता है, उनसे मिलने वाले रिव्यू और क्रिटिसिज्म आपके लिए कितना मायने रखते हैं?
अविनाश का जवाब: मैं सिर्फ अपने डायरेक्टर की बात सुनता हूं. अगर उसे मेरा काम पसंद आया, तो मैं खुश हूं. बाकी दुनिया क्या कह रही है, उस पर मैं गौर जरूर करता हूं, लेकिन उसे सिर पर नहीं चढ़ाता. अगर मैं ‘खिचड़ी’ बनाना चाहता था और आपको ‘बिरयानी’ की उम्मीद थी, तो मैं बस यही कह सकता हूं कि ‘भाई, मेरा मकसद तो खिचड़ी बनाना ही था.’





