Mango Pickle Recipe: गर्मियों का मौसम आते ही हर भारतीय किचन में कच्चे आम के अचार की खुशबू महकने लगती है। लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि उनका अचार जल्दी खराब हो जाता है या वह स्वाद नहीं आता। आज हम आपको बताने जा रहे हैं पारंपरिक मसालों के साथ आम का अचार बनाने की वह विधि जिससे स्वाद और खुशबू सालों तक बरकरार रहेगी।

गर्मियों के सीजन में दाल-चावल हो या पराठा बिना आम के अचार के थाली अधूरी लगती है। भारत के हर घर में अचार बनाने का अपना एक खास तरीका होता है लेकिन कुछ पारंपरिक टिप्स ऐसे हैं जो अचार के स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं। अगर सही अनुपात में मसालों का चुनाव किया जाए तो का अचार न केवल स्वादिष्ट बनता है बल्कि इसे दो से तीन साल तक स्टोर भी किया जा सकता है।
सही आम का चुनाव
बेहतरीन अचार बनाने की पहली शर्त है सही आम का चुनाव। हमेशा ताजे, सख्त और बिना दाग वाले कच्चे आम का ही प्रयोग करें। आम को अच्छी तरह धोकर सुखा लें और छोटे टुकड़ों में काट लें। ध्यान रहे कि काटने के बाद आम की गुठली निकाल दें और इसे हल्दी-नमक लगाकर धूप में 4-5 घंटे के लिए सुखाएं। इससे आम का एक्स्ट्रा पानी सूख जाएगा और अचार खराब नहीं होगा।
मसालों का मेल
की जान उसके मसालों में होती है। इस रेसिपी के लिए आपको चाहिए।
- सौंफ (दरदरी पिसी हुई)
- मेथी दाना
- पीली सरसों (राई की दाल)
- कलौंजी
- हल्दी और लाल मिर्च पाउडर
- हींग (अच्छी क्वालिटी की)
- नमक (स्वाद से थोड़ा ज्यादा क्योंकि नमक प्रिजर्वेटिव का काम करता है)
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बनाने की विधि
- सबसे पहले सरसों के तेल को धुआं निकलने तक गर्म करें और फिर उसे पूरी तरह ठंडा होने दें। अचार में हमेशा सरसों के तेल का ही इस्तेमाल करें।
- एक बड़े बर्तन में सूखे हुए आम के टुकड़े लें और ऊपर बताए गए सभी सूखे मसालों को मिला दें।
- अब इसमें थोड़ा सा ठंडा किया हुआ सरसों का तेल डालें और अच्छी तरह मिक्स करें ताकि मसाला हर टुकड़े पर लिपट जाए।
- अंत में इसे एक कांच के जार में भरें और ऊपर से बाकी बचा हुआ तेल डाल दें। ध्यान रखें कि अचार तेल में पूरी तरह डूबा होना चाहिए।
अचार को खराब होने से बचाने के लिए हमेशा सूखे और साफ चम्मच का ही प्रयोग करें। बरनी का मुंह सूती कपड़े से बांधकर इसे 4-5 दिन तक हल्की धूप दिखाएं। इससे मसाले अच्छी तरह पक जाते हैं और अचार का रंग भी गहरा और आकर्षक हो जाता है।




