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ईरान ने भारत समेत इन 4 देशों के लिए खोला होर्मुज स्ट्रेट, अब बिना रोक-टोक के गुजर सकेंगे जहाज​

ईरान ने भारत और चीन समेत चार देशों के कमर्शियल जहाजों को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दी है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और […]

ईरान ने भारत और चीन समेत चार देशों के कमर्शियल जहाजों को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दी है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अमीर हयात मोगादम ने मंगलवार को ‘ईरानियन स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी’ को दिए एक इंटरव्यू में यह घोषणा की.

अमीर हयात ने कहा कि हमने फिलहाल चार देशों भारत, चीन, इराक और कतर को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दी है. इन देशों के जहाज बिना किसी रोकटोक के आजा सकते हैं और अमेरिकी भी उन्हें नहीं रोक सकते हैं. उन्होंने बताया कि यह छूट कुछ खास बातों और आपसी हितों को ध्यान में रखकर दी गई है. उन्होंने कहा कि भारतीय जहाजों को आनेजाने की सुविधा देने का मकसद भारत से दवाओं का आयात सुनिश्चित करना है, जबकि चीनी जहाजों को दी गई छूट का उद्देश्य बीजिंग का राजनीतिक समर्थन हासिल करना है.

होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

दरअसल, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ एक संकरा समुद्री रास्ता है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है. सामान्य समय में दुनिया भर की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति इसी रास्ते से होती है. हालांकि 28 फरवरी से इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. उस दिन अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी हमले किए थे. अमेरिका और इजराइल की बमबारी शुरू होने के तुरंत बाद ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद करने की कोशिश की थी और कुछ हफ्तों बाद वाशिंगटन ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी करके इसका जवाब दिया था.

ईरान ने जहाजों पर लगाई हैं पाबंदियां

ईरान ने इस रास्ते पर आवाजाही को लेकर सख्त पाबंदियां लगा रखी हैं. वह केवल कुछ ही जहाजों को यहां से गुजरने देता है, जबकि बाकी जहाजों की जांच की जाती है और कुछ मामलों में उन्हें ट्रांजिट फीस भी देनी पड़ती है. फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से इस इलाके में जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम 15 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं. ताजा घटना में सोमवार को ओमान के लिमाह के पास ‘MSV अल जुसुफी’ नाम के एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी.

भारत ने जहाजों पर हमलों को बताया चिंताजनक

भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए इस संघर्ष का समाधान निकालने की अपील कर रहा है. भारत ने इस इलाके में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों को बेहद चिंताजनक बताया है. भारत का कहना है कि इस क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से होकर आवाजाही और व्यापार को बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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