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कागजों पर चल रहीं फर्मों से करोड़ों की टैक्स चोरी… मुरादाबाद में GST विभाग के एक्शन में 90 करोड़ के फर्जीवाड़े का फर्दाफाश​

Moradabad GST Fraud: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जीएसटी विभाग और इंफोर्समेंट इकाइयों द्वारा कर चोरी के खिलाफ एक बहुत ही बड़ा और सख्त अभियान चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और कमिश्नर के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी ईमानदार व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए. लेकिन फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी करने वालों […]

Moradabad GST Fraud: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जीएसटी विभाग और इंफोर्समेंट इकाइयों द्वारा कर चोरी के खिलाफ एक बहुत ही बड़ा और सख्त अभियान चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव और कमिश्नर के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी ईमानदार व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए. लेकिन फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

अब इसी कड़ी में मुरादाबाद जोन की 12 इंफोर्समेंट इकाइयों ने ‘जीएसटी प्राइम’ के जरिए डेटा का बारीकी से विश्लेषण किया है, जिससे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच में सामने आया कि कई फर्में बिना किसी वैध व्यापारिक गतिविधि के केवल कागजों पर ही संचालित हो रही हैं और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाकर सरकार को करोड़ों का चूना लगा रही हैं.

35 वाहनों के फर्जी ईवे बिल जारी किए गए थे

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि हिंडन, बिहार और गाजियाबाद की कुछ संदिग्ध फर्मों द्वारा महज दो दिनों के भीतर 35 वाहनों के फर्जी ईवे बिल जारी किए गए थे. इन फर्मों की इनवर्ड सप्लाई पूरी तरह से बोगस और रद्द हो चुकी फर्मों से जुड़ी पाई गई, जिन्होंने न तो दिल्ली और न ही उत्तर प्रदेश में कोई वास्तविक कर जमा किया.

मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर और अमरोहा जैसी विभिन्न टीमों को सतर्क करते हुए विभाग ने इनमें से 6 वाहनों को रास्ते में ही पकड़कर डिटेन कर लिया है. पड़ताल में यह बात सामने आई कि इन तीनों फर्मों द्वारा अब तक लगभग 90 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई दिखाई जा चुकी है, जबकि इनकी खरीद शतप्रतिशत फर्जी और अस्तित्वहीन फर्मों से दर्शाई गई है.

टैक्स बचाने के लिए किया गया ढोंग

इसके अलावा, मेटल स्क्रैप और लेड इंगट के कारोबार से जुड़ी एक अन्य ‘ग्लोबल’ फर्म की जांच में भी वाहन मूवमेंट शून्य पाया गया. माल दिल्ली से मुरादाबाद आना दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में गाड़ियां हरियाणा, बिहार या अन्य राज्यों में थीं. यह सब केवल आईटीसी का अवैध लाभ लेने और टैक्स बचाने का एक ढोंग था. विभाग ने ऐसी सभी करवंचक फर्मों की पहचान कर ली है.

सीजीएसटी से जुड़ी फर्मों के मामलों को संबंधित आयुक्त को सौंप दिया है और मुरादाबाद की दोषी फर्म का धारा 21 के तहत पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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