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जेब पर लगाम या मंदी का संकेत? क्रेडिट कार्ड से खर्च ऐतिहासिक कमी, 2021 के बाद पहला बड़ा झटका​

भारत में क्रेडिट कार्ड के जरिए खरीदारी और भुगतान करने की रफ्तार को सितंबर 2026 में झटका लगा है. देश में क्रेडिट कार्ड से होने वाला कुल खर्च सालाना आधार पर 5.9% घटकर 2.04 लाख करोड़ रुपए रह गया. फरवरी 2021 के बाद यह पहली बार है, जब क्रेडिट कार्ड खर्च में सालाना आधार पर […]

भारत में क्रेडिट कार्ड के जरिए खरीदारी और भुगतान करने की रफ्तार को सितंबर 2026 में झटका लगा है. देश में क्रेडिट कार्ड से होने वाला कुल खर्च सालाना आधार पर 5.9% घटकर 2.04 लाख करोड़ रुपए रह गया. फरवरी 2021 के बाद यह पहली बार है, जब क्रेडिट कार्ड खर्च में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है. इस गिरावट का मतलब यह नहीं है कि भारतीयों ने अचानक खरीदारी बंद कर दी है. इसके पीछे पिछले साल का मजबूत बेस, इस साल त्योहारों की खरीदारी का अक्टूबर में शिफ्ट होना और ऑनलाइन खर्च में कमी जैसे कारण हैं. दिलचस्प बात यह है कि खर्च घटने के बावजूद देश में क्रेडिट कार्ड की संख्या लगातार बढ़ रही है. आइए समझते हैं कि क्रेडिट कार्ड से खर्च में गिरावट क्यों आई, किन बैंकों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा और आने वाले महीनों में क्या तस्वीर रह सकती है.

सितंबर में कितना घटा क्रेडिट कार्ड से खर्च?

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में क्रेडिट कार्ड से कुल खर्च 2.04 लाख करोड़ रुपए रहा. सितंबर 2025 में यह आंकड़ा करीब 2.17 लाख करोड़ रुपए था. इस तरह सालाना आधार पर इसमें 5.9% की गिरावट आई. इससे पहले फरवरी 2021 में कोरोना महामारी के दौरान क्रेडिट कार्ड खर्च में गिरावट देखने को मिली थी. इस बार गिरावट की एक बड़ी वजह पिछले साल का ऊंचा बेस है. सितंबर 2025 में GST दरों में कटौती और त्योहारी सीजन की ऑनलाइन सेल जल्दी शुरू होने के कारण क्रेडिट कार्ड से खरीदारी में तेज उछाल आया था. इस साल त्योहारी सेल अक्टूबर में शुरू हुई. इसलिए सितंबर के आंकड़ों में पिछले साल जैसी खरीदारी देखने को नहीं मिली.

ऑनलाइन शॉपिंग में सबसे ज्यादा गिरावट

क्रेडिट कार्ड खर्च के आंकड़ों को देखें तो सबसे ज्यादा दबाव ऑनलाइन खरीदारी में देखने को मिला है. सितंबर 2026 में ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड खर्च सालाना आधार पर 12.5 फीसदी घटकर 1.26 लाख करोड़ रुपए रह गया. सितंबर 2025 में यह 1.44 लाख करोड़ रुपए था. इसके उलट दुकानों और शोरूम में कार्ड से होने वाले भुगतान में बढ़ोतरी हुई. आंकड़ों को देखें तो दुकानों और शोरूम में क्रेडिट से खर्च में 7.18% की बढ़ोतरी देखने को मिली है. इससे पता चलता है कि क्रेडिट कार्ड खर्च में गिरावट मुख्य रूप से ऑनलाइन सेगमेंट में आई है.

पिछले साल सितंबर में क्या हुआ था?

सितंबर 2025 में GST काउंसिल ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स दरों में बदलाव किया था. इसके साथ ही त्योहारी सीजन की ऑनलाइन सेल भी सितंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू हो गई थी. इसका असर खरीदारी पर पड़ा और सितंबर 2025 में क्रेडिट कार्ड खर्च अगस्त के मुकाबले 13.3% बढ़कर करीब 2.17 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया था. वहीं, इस साल प्रमुख त्योहारी सेल अक्टूबर में शुरू हुई. यानी पिछले साल सितंबर में जो खरीदारी हुई थी, उसका बड़ा हिस्सा इस बार अक्टूबर में होने की उम्मीद है. इसी वजह से सितंबर 2026 की तुलना पिछले साल के मजबूत आंकड़ों से करने पर गिरावट ज्यादा दिखाई दे रही है.

HDFC, SBI और ICICI बैंक के क्रेडिट कार्ड खर्च का क्या हाल?

बैंक सितंबर 2026 में खर्च सालाना बदलाव
HDFC बैंक 65,140 करोड़ रुपए 7.52% बढ़ोतरी
SBI कार्ड 34,895 करोड़ रुपए 14.09% गिरावट
ICICI बैंक 30,911 करोड़ रुपए 26.26% गिरावट
Axis बैंक 23,149 करोड़ रुपए 11% गिरावट

इन आंकड़ों से साफ है कि HDFC बैंक ने बाकी बड़े कार्ड जारीकर्ताओं के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया. वहीं, ICICI बैंक और SBI कार्ड के खर्च में ज्यादा गिरावट देखने को मिली. HDFC बैंक देश का सबसे बड़ा क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता है, जबकि SBI कार्ड सबसे बड़ा स्वतंत्र क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता है.

खर्च घटा, लेकिन क्रेडिट कार्ड की संख्या क्यों बढ़ी?

सितंबर 2026 में देश में कुल क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 12.53 करोड़ पहुंच गई. सालाना आधार पर इसमें करीब 10.5% की बढ़ोतरी हुई. बैंकों ने सितंबर में भी बड़ी संख्या में नए क्रेडिट कार्ड जारी किए. HDFC बैंक ने 2.80 लाख से ज्यादा नए कार्ड जोड़े. वहीं SBI कार्ड ने करीब 2.08 लोगों को नया कस्टमर बनाया. Axis बैंक ने लगभग 2.60 लाख कार्ड जोड़े. ICICI बैंक ने करीब 29,621 नए कार्ड जारी किए. सितंबर में नए क्रेडिट कार्ड जोड़ने की रफ्तार नवंबर 2024 के बाद सबसे तेज रही. इसका मतलब है कि देश में क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन प्रति कार्ड खर्च में कमी आई है.

क्या ग्राहक अब छोटी रकम के ज्यादा भुगतान कर रहे हैं?

क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन के आंकड़ों से एक और महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है. सितंबर में क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 23.2% बढ़कर करीब 61 करोड़ हो गई. लेकिन औसत ट्रांजैक्शन वैल्यू 23.6% घटकर 3,343 रुपए रह गई. यानी ग्राहक पहले के मुकाबले ज्यादा बार क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन हर बार खर्च की जाने वाली रकम कम हो रही है. इसके पीछे एक वजह छोटी रकम के भुगतान के लिए UPI के जरिए क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने का बढ़ता चलन भी है. इसके अलावा, पिछले साल की तुलना में इस बार बड़े त्योहारी ऑनलाइन ऑर्डर सितंबर के बजाय अक्टूबर में होने की उम्मीद है.

अक्टूबर और नवंबर में खर्च बढ़ने की उम्मीद

जानकारों का कहना है कि अक्टूबर और नवंबर में क्रेडिट कार्ड खर्च में सुधार देखने को मिल सकता है. CareEdge Ratings के अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर में क्रेडिट कार्ड खर्च बढ़कर 2.28 लाख करोड़ से 2.38 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है. इसके पीछे दिवाली और दूसरे त्योहारों की खरीदारी अहम भूमिका निभा सकती है. स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, घरेलू सामान और यात्रा से जुड़े खर्च में बढ़ोतरी होने की संभावना है. हालांकि, प्रोडक्ट्स की बढ़ती कीमतें और ब्याज दरों में हालिया बढ़ोतरी ग्राहकों की खरीदारी को प्रभावित कर सकती हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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