उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग की लत का साइड इफेक्ट सामने आया है. यहां एक किशोर ऑनलाइन गेम खेलते हुए 50 हजार रुपये हार गया. ऐसे में उसने खुद अपहरण की झूठी कहानी रच डाली. घर वालों को वाट्सऐप मैसेज भेजकर फिरौती की डिमांड भी कर दी. हालांकि परिजनों की सूचना पर हरकत में आई लखनऊ पुलिस ने उसके झूठ का खुलासा कर दिया है.

मामला लखनऊ में पारा थाना क्षेत्र का है. पुलिस ने किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि उसे ऑनलाइन गेमिंग की लत है. वह अक्सर अपने दोस्तों से कर्ज लेकर गेम में पैसे लगाता था. कई बाार वह जीत भी जाता था, लेकिन इस बार वह लगातार हारता चला गया. देखते ही देखते उसके ऊपर 50 हजार का कर्ज हो गया. उसने घर वालों से पैसे मांगे, लेकिन जब इसमें कामयाब नहीं हुआ तो अचानक लापता हो गया.
फिर रची अपहरण की साजिश
कुछ देर बाद आरोपी ने वाट्सऐप के जरिए अपने परिजनों को खुद के अपहरण की जानकारी दी. यही नहीं, खुद को छुड़ाने के लिए उसने पांच लाख रुपये की फिरौती भी मांग ली. यह खबर मिलते ही उसके परिवार में हड़कंप मच गया. आनन फानन में सूचना पुलिस को दी गई. लेकिन पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपी किशोर को हिरासत में लेते हुए उसके झूठ का खुलासा कर दिया.
डीसीपी ने की अभिभावकों से अपील
मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने अभिभावकों से बच्चों पर नजर रखने की अपील की. कहा कि बच्चों के लिए मोबाइल जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी है कि उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखी जाए. उन्होंने कहा कि हर मातापिता को चाहिए कि वह हमेशा अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति अपडेट रहें. उन्होंने कहा कि यह घटना हरेक अभिभावक के लिए एक सबक हो सकती है.