लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे आखिरकार गिरफ्तार हो गई है. 11 दिन तक पुलिस उसे तलाशती रही. कभी सीतापुर, कभी लखीमपुर और फिर भारतनेपाल बॉर्डर तक पुलिस पहुंची, लेकिन श्रद्धा हाथ नहीं आई. नेपाल में भी उसके ठिकाने की तलाश की गई. फिर वह रायबरेली आ गई. यहां से लखनऊ आकर मीडिया में बयान दिया फिर आगरा के एक होटल में रुकी और आखिरकार पुलिस ने उसे नागपुर से गिरफ्तार कर लिया.

इस पूरे मामले में श्रद्धा अकेली नहीं थी. उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश भी उसके साथ गिरफ्तार किए गए हैं. गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की टीमें जुटी थीं. नागपुर पुलिस की मदद से तीनों को पकड़ा गया. सवाल है कि 9 अक्टूबर को शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा कहांकहां गई? नेपाल बॉर्डर तक पहुंचने के बाद वह वहां से कैसे निकली? पुलिस को उसके बारे में कौनकौन से सुराग मिले और आखिर नागपुर में उसकी गिरफ्तारी कैसे हुई?
पांच करीबियों से मिली जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे को नागपुर में लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार किया. जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि आगरा में ही एसटीएफ को श्रद्धा के बारे में अहम जानकारी मिल गई थी. उसके पांच संदिग्ध करीबियों में से एक से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने घेराबंदी तेज की. श्रद्धा बुर्का पहनकर आगरा से फ्लाइट के जरिए नागपुर पहुंची थी और वहां एक होटलगेस्ट हाउस में ठहरी थी, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
तीन आईफोन का इस्तेमाल कर रही थी श्रद्धा
श्रद्धा कथित तौर पर तीन आईफोन इस्तेमाल कर रही थी और फेसटाइम के जरिए बातचीत करती थी. एसटीएफ चीफ अमिताभ यश ने बताया कि श्रद्धा को लगातार जानकारी और तकनीकी मदद मिल रही थी. लगातार पहचान छिपाने और डिजिटल निगरानी से बचने की कोशिशों के बावजूद पुलिस उस तक पहुंचने में कामयाब रही. सूत्रों के अनुसार, मुंबई के पास एक फार्महाउस को उसके संभावित ठिकाने के तौर पर तैयार करने की योजना भी थी.
9 अक्टूबर को शिवा की मौत, उसी रात शुरू हुई कहानी
लखनऊ के हजरतगंज इलाके के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में 9 अक्टूबर को कारोबारी शिवा शर्मा चौथी मंजिल से गिर गए थे. बाद में उनकी मौत हो गई. शिवा की मौत के बाद मामला तब गंभीर हो गया, जब उनकी मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर हत्या समेत गंभीर आरोप लगाए. 10 अक्टूबर को हजरतगंज पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का केस दर्ज किया. इसके बाद श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और दूसरे आरोपियों की तलाश शुरू हुई.
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद श्रद्धा वहां नहीं मिली. जांच आगे बढ़ी तो उसके लखनऊ से निकलने और नेपाल की तरफ जाने की जानकारी सामने आई. यहीं से पुलिस की तलाश लखनऊ से निकलकर दूसरे जिलों और फिर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुंच गई. एक तरफ पुलिस दावा कर रही थी कि श्रद्धा किसी और की कार से फरार हुई, जबकि दूसरी ओर से उसकी स्कॉर्पियो बहराइच में लावारिस हालत में मिली. उसके भागने के कई वीडियो भी सामने आए.
लखनऊ से सीतापुर, फिर लखीमपुर तक तलाश
श्रद्धा अपनी बहन रश्मि और एक सहयोगी के साथ लखनऊ से निकली थी. पुलिस की टीमें जब सीतापुर पहुंचीं, तब तक वह वहां से जा चुकी थी. इसके बाद लखीमपुर में उसकी लोकेशन तलाशने की कोशिश हुई, लेकिन वहां भी पुलिस को सफलता नहीं मिली. जांच में सामने आया कि श्रद्धा की स्कॉर्पियो कार बहराइच जिले के रुपईडीहा बॉर्डर के पास एक निजी पार्किंग में खड़ी मिली थी. गाड़ी छोड़ने के बाद आरोपी पैदल ही नेपाल की सीमा में दाखिल हुए थे.
नेपाल के महीम नगर बस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और सहयोगी आदिल के दिखाई देने की बात भी सामने आई. बताया गया कि तीनों ने वहां रात बिताई और अगले दिन बस से आगे निकल गए. जब तक पुलिस की टीम वहां पहुंचती, वे उस जगह से जा चुके थे. यानी पुलिस को जिस ठिकाने की जानकारी मिलती, वहां पहुंचने तक श्रद्धा के निकल जाने की खबर सामने आ रही थी.
नेपाल में भी ठिकाने बदलती रही
नेपाल पहुंचने के बाद श्रद्धा की तलाश आसान नहीं रही. पुलिस को नेपाल में उसके संभावित ठिकानों की जानकारी मिल रही थी, लेकिन जब टीमें वहां पहुंचतीं, तब तक वह निकल चुकी होती थी. पुलिस को एक संभावित ठिकाने पर पहुंचने से करीब चार घंटे पहले श्रद्धा के वहां से निकल जाने की जानकारी मिली थी. नेपाल में उसकी आखिरी लोकेशन को लेकर भी अलगअलग खबरें सामने आईं. इस बीच पुलिस ने उसके परिवार और करीबियों से पूछताछ की.
इसी दौरान पता चला कि नेपाल से निकल कर श्रद्धा दुबे 16 अक्टूबर को रात लगभग 11 बजे रायबरेली आई थी. श्रद्धा दुबे के साथ उसकी बहन रश्मि व एक अन्य युवक था. रायबरेली में आने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया. श्रद्धा, रायबरेली में शहर की खाक छानती रही. आईडी कार्ड न देने के कारण होटल प्रीत में उसे कमरा नहीं मिला था. फिर वह किसी करीबी के घर पर ठहरी. 16 अक्टूबर रात 11 बजे से 17 अक्टूबर सुबह 9 बजे तक श्रद्धा रायबरेली में थी.
लखनऊ में आकर दिया बयान
17 अक्टूबर को ही श्रद्धा, लखनऊ पहुंची. लखनऊ पहुंचते ही उसने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने की सारी प्रक्रिया पूरी की. इस दिन वह लखनऊ में ही ठिकाने बदलबदलकर छिपी रही. 18 अक्टूबर को उसने लखनऊ में ही एक जगह पर न्यूज एजेंसी को अपना बयान दिया. इसके बाद वह फिर आगरा की ओर चली गई. लखनऊ में श्रद्धा आई और मीडिया को बयान तक दे दिया… लेकिन लखनऊ पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी. इसके बाद हजरतगंज के कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया गया. साथ ही ACP और DCP का तबादला कर दिया गया. 20 अक्टूबर को भी लखनऊ पुलिस की एक टीम रायबरेली में श्रद्धा के घर पहुंची थी. वहां उसके पिता और सौतेली मां से पूछताछ की गई.
आगरा के होटल में नाम बदलकर रूकी
लखनऊ से फरार होने के बाद श्रद्धा दुबे अपनी बहन और एक शख्स के साथ आगरा पहुंची. वह और उसकी बहन बुर्का पहने हुए थे. यहां पर वह एक होटल में रूकी. यहां उसने अपनी गलत पहचान बताई. बताया जा रहा है कि आगरा से ही वह नागपुर के लिए निकल गई. श्रद्धा दुबे का लास्ट मोबाइल लोकेशन भी आगरा का ही था. पुलिस और एसटीएफ ने आगरा में जब छापेमारी की तो वह वहां से भी फरार हो गई. इसके बाद फिर उसकी लोकेशन नागपुर में मिली.
11 दिन बाद नागपुर में गिरफ्तारी
11 दिन की तलाश के बाद 20 अक्टूबर को श्रद्धा दुबे को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया. यूपी एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को भी पकड़ा गया. गिरफ्तारी की पुष्टि यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने की. यूपी एसटीएफ की लखनऊ व बनारस यूनिट के साथ लखनऊ पुलिस की टीमों ने नागपुर में स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई की. सूत्रों का कहना है कि नागपुर से वह मुंबई जाने वाली थी, जहां पर एक फॉर्म हाऊस में उसको छिपाने की व्यवस्था कर ली गई थी.
अब पूछताछ में खुलेंगे फरारी के राज?
श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद अब जांच में कई सवाल अहम होंगे. शिवा शर्मा की मौत के समय क्या हुआ था? घटना के बाद श्रद्धा लखनऊ से कैसे निकली? नेपाल बॉर्डर तक पहुंचने और फिर नागपुर में मिलने के बीच वह कहांकहां रही? और इस दौरान किन लोगों ने उसकी मदद की? इन सवालों के जवाब पुलिस की पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और दूसरे सबूतों से तलाशे जाएंगे.
शिवा की मौत के मामले में परिवार ने हत्या के आरोप लगाए हैं, जबकि श्रद्धा ने खुद को बेकसूर बताते हुए आत्महत्या का दावा किया था. अब पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध सबूतों की जांच करेगी.