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Delhi Protest: CJP-AISA की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, नारेबाजी के बीच दिपके बोले- तिरंगा फहराना भी अपराध बना दिया​

: में और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध के बीच और की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा हो गया। प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्ष नेहा बोरा के बोलना शुरू करते ही कुछ लोगों ने ‘बंद करो’ के नारे लगाए। इस दौरान मंच पर एडवोकेट कपिल सिब्बल […]

: में और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध के बीच और की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा हो गया। प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्ष नेहा बोरा के बोलना शुरू करते ही कुछ लोगों ने ‘बंद करो’ के नारे लगाए। इस दौरान मंच पर एडवोकेट कपिल सिब्बल , प्रशांत भूषण , अभिनेता प्रकाश राज और CJP से जुड़े अभिजीत दीपके समेत कई लोग मौजूद रहे।

दिपके का आरोप तिरंगा फहराने को भी अपराध बना दिया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ने सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए तिरंगा फहराने जैसे कदम को भी अपराध बना दिया गया है। दीपके ने कहा कि आशुतोष रांका और सौरव दास जंतरमंतर पर तिरंगा फहराने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इतना कुछ क्यों कर रही है।

दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई के पीछे ‘वन नेशन, वन पार्टी’ और ‘वन नेशन, वन लीडर’ जैसी सोच है। उन्होंने कहा कि देश गांधी के विचारों और डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुसार चलेगा।

16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन का ऐलान

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि लोगों को हिरासत में लेने या कथित तौर पर उनके साथ मारपीट करने से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने बताया कि CJP और दूसरे संगठनों ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा लहराकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग SIR की प्रक्रिया रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है।
नेहा बोरा ने कहा कि यह लड़ाई देश के अलगअलग हिस्सों में जारी है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन का मुद्दा आम और गरीब परिवारों से जुड़ा हुआ है।

प्रशांत भूषण बोले सरकार के खिलाफ विरोध अपराध नहीं

सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट पैमाना नहीं है। भूषण ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पास मतदाता सूची से जुड़े फैसलों का पूरा नियंत्रण है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में एक सेंट्रल आईटी सेल बनाई गई थी, जहां यह तय किया गया कि किन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने हैं और किनके नाम जोड़े जाने हैं। हालांकि, ये सभी आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।

‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ अभियान का ऐलान

प्रशांत भूषण ने 23 अक्टूबर से ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग SIR का फॉर्म नहीं भरेंगे, उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों का मुद्दा भी उठाया जो किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं और उनके सामने फॉर्म भरने को लेकर परेशानी हो सकती है।

प्रकाश राज ने भी लगाए आरोप

एक्टर प्रकाश राज ने भी SIR को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि उडुपी में हजारों आदिवासी लोगों को रिकॉर्ड में मृत बताया गया और उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि SIR क्या है या नाम कटने के बाद उसे दोबारा कैसे जुड़वाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के नाम फॉर्म7 के जरिए हटाए गए हैं। प्रकाश राज ने कहा कि वह इस मुद्दे पर प्रभावित लोगों की आवाज उठाने के लिए वहां रहेंगे।

BJP ने राहुल गांधी और AISA पर लगाए आरोप

प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी और AISA अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों की विचारधारा बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों से प्रेरित है और वे भारत में भी उसी तरह का आंदोलन चाहते हैं। BJP की ओर से इन आरोपों के समर्थन में राहुल गांधी और नेहा बोरा के एक वीडियो का हवाला दिया गया।

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10 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद कार्रवाई

इससे पहले 10 अक्टूबर को CJP की ओर से जंतरमंतर पर SIR के विरोध और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। पुलिस ने CJP से जुड़े अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया था। बाद में तीनों को 5050 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा किया गया था। रिहाई के दौरान एक साल तक शांति बनाए रखने और ऐसा कोई काम नहीं करने की शर्त रखे जाने की बात सामने आई थी।

इस बीच 15 अक्टूबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे और आगामी 16 अक्टूबर के कनॉट प्लेस प्रदर्शन के ऐलान के बाद दिल्ली में SIR विरोधी आंदोलन को लेकर सियासी और कानूनी हलचल बढ़ गई है। अब प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका और प्रशासन की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।

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संपादकीय टीम

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