डायबिटीज वाले लोगों को नवरात्रि के व्रत के दौरान अपने खानपान का थोड़ा ज्यादा ध्यान रखना चाहिए. अधिकतर लोग व्रत में आम अनाज नहीं खाते, इसलिए आलू, साबूदाना, कुट्टू की पूरी और मिठाइयां आदि खाते हैं.मगर ज्यादा मात्रा में ये चीजें खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. हालांकि, डायबिटीज होने पर लंबे समय तक भूखे रहना जरूरी नहीं है. सही खाना चुनना और उसे सीमित मात्रा में खाना बहुत जरूरी है. अक्सर लोग ऐसी परिस्थिति में सही तरीकों को जाने बिना ही व्रत रख लेते हैं और फिर सही खानपान ना मिलने को वजह से उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं झेलनी पड़ती हैं.

अगर देर तक भूखा रहे तो इस वजह से भी ब्लड शुगर डाउन हो सकता है. आखिर इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए . चलिए आपको बताते हैं कि इस पर डाइटिशियन की राय है.
डायटिशियन ने व्रत के खानपान को लेकर क्या कहा?
डॉ. रम्या सुब्बुराज का कहना है कि डायबिटीज वाले लोग इस दौरान व्रत रख सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने खानपान और दवाओं का ध्यान रखना चाहिए. कुछ लोगों में लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर लेवल कम हो जाता है; वहीं कुछ लोगों में कार्बोहाइड्रेट से भरपूर व्रत का खाना अधिक मात्रा में खाने से ब्लड शुगर बढ़ जाता है.
व्रत के दौरान कुट्टू के आटे का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सीमित मात्रा में. डीपफ्राइड कुट्टू की पूरी या पकौड़े के बजाय कम तेल में बनी कुट्टू की रोटी या चीला खाने की कोशिश करें. इसे दही, पनीर या व्रत में खाई जाने वाली सब्जियों के साथ खाएं, ताकि पेट देर तक भरा रहे और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद मिले.
साबूदाना सीमित मात्रा में खाएं. साबूदाना खिचड़ी में व्रत में अनुमत सब्जियां मिलाएं और साथ में दही या पनीर लें. इससे भोजन अधिक संतुलित बनता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है. व्रत के दौरान बादाम, अखरोट जैसे मेवे सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं. इनमें स्वस्थ वसा, प्रोटीन और फाइबर होता है, जो पेट को देर तक भरा रखने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं.
व्रत में शुगर पेशेंट कौन से फल खाएं?
व्रत के दिनों में फल भी खाए जा सकते हैं. फलों के जूस के बजाय साबुत फल खाना बेहतर होता है क्योंकि उनमें फाइबर होता है और वे धीरेधीरे पचते हैं. जाहिर है, डायबिटीज वाले लोगों को केला, चीकू, आम और अंगूर जैसे फलों को खाने में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि ये कुदरती तौर पर ज्यादा मीठे होते हैं. अमरूद, सेब, नाशपाती और संतरा जैसे फल अच्छे विकल्प हैं.
व्रत के दौरान मिठाइयां, चीनी वाली चाय, लस्सी और पैक्ड फ्रूट जूस जैसी चीजें न खाना ही बेहतर है. वहीं, पानी पीना भी जरूरी है और इसकी मात्रा सही होनी चाहिए.
डॉक्टर की सलाह है सबसे जरूरी
जो डायबिटिक मरीज इंसुलिन या डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं, उन्हें अपने डॉक्टर से सलाह लिए बिना अपनी दवाएं बदलनी या छोड़नी नहीं चाहिए. उन्हें अपने खानेपीने के तरीके और ब्लड शुगर के हिसाब से दवा में बदलाव करना पड़ सकता है, लेकिन ऐसा सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही करें.
किन बातों का रखें खास ख्याल?
सबसे जरूरी है कि व्रत के दौरान संतुलित आहार लेना होना चाहिए. ब्लड शुगर के अचानक बढ़ने या घटने से बचने के लिए भोजन का समय तय रखें और एक बार में ज्यादा खाने से बचें. जिन डायबिटीज मरीजों की डायबिटीज कंट्रोल में नहीं है या जिन्हें पहले कभी लो ब्लड शुगर की समस्या रही है, उन्हें व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लेनी चाहिए.
ऐसे में अगर आपको भी डायबिटीज की समस्या है और आप नवरात्रि का व्रत रखना चाहते हैं, तो यह पूरी तरह से आपके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है. वहीं, कुछ सावधानियों के साथ इसे पूरा किया जा सकता है.