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रिलायंस ने एक महीने में गंवाए 1 लाख करोड़, क्या जियो का आईपीओ का IPO थामेगा गिरावट की डोर?​

जियो आईपीओ का काउंटडाउन शुरू हो गया है. बाजार के जानकारों की मानें तो 21 अक्टूबर को जियो का आईपीओ लॉन्च हो जाएगा. उससे पहले रिलायंस की फ्लैगशिप कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिल चुकी है. खास बात तो ये है कि 15 सितंबर के बाद से यानी करीब एक […]

जियो आईपीओ का काउंटडाउन शुरू हो गया है. बाजार के जानकारों की मानें तो 21 अक्टूबर को जियो का आईपीओ लॉन्च हो जाएगा. उससे पहले रिलायंस की फ्लैगशिप कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिल चुकी है. खास बात तो ये है कि 15 सितंबर के बाद से यानी करीब एक महीने में रिलायंस के शेयर में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी जा चुकी है. जिसकी वजह से कंपनी की वैल्यूएशन एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कम हो चुकी है.

आंकड़ों को देखकरर पता चलेगा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर जियो आईपीओ के प्राइस बैंड के करीब पहुंच गया है. ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर जियो के आईपीओ पर पूरी तरह से डिपेंड हो गया है? क्या जियो का आईपीओ अपनी की फ्लैगशिप कंपनी के शेयरों को उबारेगा? क्या रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की किस्मत अब जियो आईपीओ की सफलता और उसकी बेहतरीन लिस्टिंग पर आकर टिक गई है. आइए इसे विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं…

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट?

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बीते करीब एक महीने में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. 15 सितंबर 2026 को कंपनी का शेयर एनएसई पर 1,235.30 रुपए थी, जो मौजूदा समय में 1160 रुपए पर आ चुका है. अगर बात सोमवार की करें तो एनएसई पर कंपनी का शेयर दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर 1 फीसदी की गिरावट के साथ 1,158.50 रुपए पर कारोबार कर रहा है. जबकि कंपनी का शेयर सुबह मामूली तेजी के साथ 1,180.30 रुपए पर ओपन हुआ था. वैसे मौजूदा साल में कंपनी के शेयर में 26 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. आने वाले दिनों में कंपनी को जियो के आईपीओ से काफी उम्मीदें हैं.

क्यों आ रही है रिलायंस के शेयरों में गिरावट?

Jio Platforms IPO के लॉन्च से पहले Reliance Industries Ltd के शेयरों पर काफी प्रेशर देखने को मिल रहा है. जिससे Reliance Industries के मौजूदा शेयरधारकों को काफी परेशानी हो रही है. वहीं दूसरी ओर मार्केट के जानकारों की सोच थोड़ी अलग है. उनका मानना है कि यही वो मौका है, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में निवेश किया जा सकता है. यह कीमत Jio Platforms IPO के 1,065 से 1,119 रुपए प्रति शेयर के प्राइस बैंड के करीब है. जिसके बाद माना ये भी जा रहा है कि जब कंपनी की वैल्यू अनलॉक होगी तो उसका फायदा रिलायंस के शेयर होल्डर्स को भी होगा. वैसे इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि Jio Platforms के शेयर सभी RIL शेयरधारकों को बांटे जाएंगे.

इस ‘वैल्यूअनलॉक’ फैक्टर के अलावा, एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि Jio Platforms IPO एक अहम फैक्टर है, हालांकि यह पूरी तरह से नेगेटिव नहीं है. आमतौर पर किसी बड़े पब्लिक ऑफरिंग की खबर तेजी लाने का काम करती है, लेकिन मार्केट का मूड ठंडा पड़ गया है क्योंकि हालिया रिपोर्ट्स में वैल्यूएशन लगभग 114 बिलियन डॉलर आंकी गई है. जो पहले 130 बिलियन डॉलर से 170 बिलियन डॉलर के अनुमान से कम है. उन्होंने कहा कि Reliance के शेयरों को 1,200 रुपए के लेवल पर रुकावट का सामना करना पड़ रहा है. अगर यह स्तर टूटता है, तो Reliance के शेयर की कीमत 1,265 रुपए के आसपास पहुंचने की उम्मीद की जा सकती है.

क्या Jio Platforms से शेयरों में तेजी आ सकती है?

क्या Jio Platforms का IPO रिलायंस के शेयरों में नई जान फूंक सकता है? इस पर SMC Global Securities की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव ने मिंट की रिपोर्ट में कहा कि Jio Platforms का IPO मुख्य रूप से लगभग 2.9 फीसदी इक्विटी के नए कैपिटल इश्यू के तौर पर तैयार किया गया है, न कि बड़े पैमाने पर ‘ऑफरफॉरसेल’ के तौर पर. इसका मतलब है कि RIL खुद अपनी हिस्सेदारी बेचकर सीधे कैश नहीं ले रही है, हालांकि उसके पास 64.5 फीसदी की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी बनी रहेगी, जबकि Jio इस पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और विस्तार के लिए करेगी.

SMC Global Securities की एक्सपर्ट ने कहा कि आर्बिट्राज ट्रेडर्स और इंस्टीट्यूशनल डेस्क होल्डिंग कंपनी के वैल्यूएशन को तब तक कम करके आंक रहे हैं, जब तक कि लिस्टिंग प्राइस बैंड और लिस्टिंग के बाद ट्रेडिंग परफॉर्मेंस से बाजार में पक्की वैल्यू तय न हो जाए. इसलिए, हालांकि उम्मीद से कम IPO वैल्यूएशन गाइडेंस और कमजोर एनर्जी मेट्रिक्स की वजह से कुछ समय के लिए बिकवाली का दबाव बना, लेकिन प्राइमरी मार्केट में डिमांड स्थिर होने के बाद लंबे समय की वैल्यू अनलॉक करने के लिए यह IPO एक रणनीतिक और संरचनात्मक रूप से सकारात्मक कदम बना हुआ है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों के लिए प्राइस टारगेट

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों के टेक्निकल चार्ट के संकेतों पर, KC सिक्योरिटीज में रिसर्च और बिजनेस डेवलपमेंट के VP, महेश एम ओझा ने मीडिया रिपोर्ट में कहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयरों के लिए तुरंत सपोर्ट 1,145 पर है, जबकि 1,120 का लेवल RIL शेयरों के लिए एक बड़ा सपोर्ट है. जो निवेशक लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे शेयर को होल्ड करें, 1,085 रुपए पर स्टॉपलॉस बनाए रखें और हर 4 फीसदी5 फीसदी की गिरावट पर और शेयर खरीदते रहें. नए निवेशक भी मौजूदा मार्केट प्राइस पर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करके यही रणनीति अपना सकते हैं. ओझा ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को 1200 रुपए पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है. क्लोजिंग के आधार पर, अगर शेयर इस रेजिस्टेंस को तोड़कर ऊपर जाता है, तो यह जल्द ही 1265 रुपए प्रति शेयर के स्तर तक पहुंच सकता है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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