Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या से सनसनी फैल गई. सूरज नगर स्थित उनके घर में 30 सितंबर की सुबह उनका शव बरामद हुआ. पुलिस के मुताबिक, उनकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले हैं. घर की अलमारी के लॉक टूटे हुए थे, जबकि किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला मिला. पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद घर में आग लगाने की कोशिश की गई. घटना के बाद से कुछ दिन पहले ही नौकरी पर रखा गया केयरटेकर वरुण कुमार लापता है. पुलिस की चार टीमें और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में जुटी हैं.

कौन थे रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल?
राकेश अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के IAS अधिकारी थे. उनका जन्म 2 जून 1956 को हुआ था. प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की थी. उनके पास कानून की डिग्री थी. इसके अलावा उन्होंने राजनीति विज्ञान में पोस्टग्रेजुएशन और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी MBA की पढ़ाई भी की थी.
राकेश अग्रवाल का प्रशासनिक करियर तीन दशक से भी ज्यादा लंबा रहा. इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश शासन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. वह जिला कलेक्टर से लेकर उप सचिव, संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव, निदेशक, प्रबंध निदेशक, सचिव और प्रमुख सचिव जैसे पदों पर रहे. अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव के दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के अलगअलग विभागों में काम किया और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए.
प्रशासनिक अकादमी के DG भी रहे
राकेश अग्रवाल के करियर का एक अहम हिस्सा भोपाल की आरसीपीवी नरोना प्रशासनिक एवं प्रबंधकीय अकादमी से जुड़ा रहा. उन्होंने 1 दिसंबर 2011 से 30 जून 2016 तक अकादमी के डायरेक्टर जनरल यानी DG के तौर पर जिम्मेदारी संभाली. यह अकादमी प्रशासनिक सेवाओं में आने वाले अधिकारियों के प्रशिक्षण से जुड़ी है. ऐसे में DG के तौर पर राकेश अग्रवाल की भूमिका महत्वपूर्ण रही. उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल अधिकारियों के प्रशिक्षण और प्रशासनिक क्षमता विकसित करने में भी हुआ.
रिटायरमेंट के बाद पत्नी के साथ रहते थे
सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद राकेश अग्रवाल भोपाल में अपनी पत्नी निशी अग्रवाल के साथ रह रहे थे. सूरज नगर स्थित बंगला ही उनका स्थायी निवास था. परिवार में राकेश अग्रवाल और उनकी पत्नी के अलावा उनका एक बेटा है. उनका बेटा फिलहाल अमेरिका में रहता है और वहां एक यूनिवर्सिटी में नौकरी करता है. पिता की हत्या की खबर मिलने के बाद वह अमेरिका से भोपाल के लिए रवाना हो गया है. जानकारी के मुताबिक, उसके गुरुवार रात तक भोपाल पहुंचने की संभावना है. बेटे के भोपाल पहुंचने के बाद शुक्रवार को भदभदा विश्रामघाट में राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी सामने आई है.
सुबह पत्नी ने देखा था शव
हत्या के समय राकेश अग्रवाल की पत्नी निशी अग्रवाल घर में ही मौजूद थीं. उन्होंने पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे उनकी नींद खुली थी. वह मॉर्निंग वॉक के लिए बाहर निकलने लगीं, लेकिन घर का मेन गेट बाहर से बंद था. इसके बाद उन्होंने घर के कर्मचारी अमर थापा को फोन किया. इसी दौरान वह राकेश अग्रवाल के कमरे की तरफ गईं. कमरे का दरवाजा खोलने पर उन्होंने राकेश अग्रवाल का शव जमीन पर पड़ा देखा. घटना की जानकारी आसपास के लोगों और घर के कर्मचारियों को दी गई. इसके बाद पुलिस को सूचना मिली और रातीबड़ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की.
27 सितंबर को ही नौकरी पर आया था वरुण
पुलिस की जांच में घर के केयरटेकर वरुण कुमार का नाम सामने आया है. परिवार के मुताबिक, वरुण को 27 सितंबर को ही केयरटेकर के तौर पर काम पर रखा गया था. यानी हत्या से महज कुछ दिन पहले ही उसने घर में काम शुरू किया था. उसकी जिम्मेदारी राकेश अग्रवाल को समय पर दवाएं देना, घर के अंदरूनी हिस्से की देखरेख करना, पानी भरना और जरूरत का सामान लाना था. उसे घर के पिछले हिस्से में रहने के लिए एक कमरा भी दिया गया था. जानकारी के मुताबिक, वरुण भोपाल की एक होम हेल्थ केयर एजेंसी के जरिए काम पर आया था. हत्या के बाद से वह लापता है. पुलिस के मुताबिक, उसका सामान भी घर में नहीं मिला है.
हत्या के बाद CCTV में दिखा वरुण
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, हत्या रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच हुई होगी. पुलिस को करीब 15 मिनट बाद वरुण के एक CCTV फुटेज में दिखाई देने की जानकारी मिली है. बताया जा रहा कि सूरज नगर से भदभदा की ओर जाने वाली सड़क पर एक दुकान के CCTV कैमरे में वरुण सड़क पर जाता दिखाई दिया. इसके बाद पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन कुरवाईबीना रोड पर मिली. हालांकि, इसके बाद वह कहां गया, इसकी जानकारी अभी पुलिस को नहीं मिली है. पुलिस की चार टीमें और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश कर रही हैं.
घर में मिले कई सुराग
घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को घर की अलमारी के लॉक टूटे मिले. इससे लूट की आशंका भी जांच के दायरे में है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि घर से क्या सामान गायब हुआ है. किचन में LPG सिलेंडर का पाइप भी निकला हुआ मिला. पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद घर में आग लगाने की कोशिश की गई हो सकती है. हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी अभी बरामद नहीं हुआ है. पुलिस घटनास्थल से मिले दूसरे साक्ष्यों और फोरेंसिक जांच के जरिए वारदात की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है.
पुलिस कई एंगल से कर रही जांच
पुलिस इस मामले में हत्या के मकसद से लेकर लूट और घर में जबरन प्रवेश समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है. अलमारी के लॉक टूटने, LPG पाइप निकले मिलने और केयरटेकर के अचानक गायब होने को भी जांच से जोड़ा जा रहा है. पुलिस यह भी पता कर रही है कि वरुण का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ था या नहीं. साथ ही जिस होम हेल्थ केयर एजेंसी के जरिए उसे काम मिला था, वहां उसके दस्तावेज, पता और बैकग्राउंड से जुड़ी क्या जानकारी दर्ज है, इसकी भी जांच की जा रही है.
वहीं मामले का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी संज्ञान लिया है. उन्होंने DGP को मामले की निगरानी के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में पूरी तरह संवेदनशील है. घटना के संबंध में दोषियों को चिन्हित कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. बाबा महाकाल दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिवार को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.