Ghaziabad News: गाजियाबाद में वाहन चलाने वालों के लिए जरूरी खबर है. 1 अक्टूबर 2026 से जिले में बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा. जिला पूर्ति विभाग ने इसको लेकर जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं. वाहन मालिकों से अपील की गई है कि वे 30 सितंबर से पहले अपने वाहन के प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता जरूर जांच लें.

1 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था
जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने बताया कि 1 अक्टूबर से पेट्रोल पंपों पर बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. इसके लिए जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर एक विशेष ऐप डाउनलोड कराया गया है. इस व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप पर वाहन का नंबर स्कैन किया जाएगा. इसके बाद ऐप के जरिए तुरंत पता चल जाएगा कि वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र वैध है या नहीं. अगर PUC वैध नहीं हुआ तो वाहन को पेट्रोल या डीजल देने से मना किया जा सकता है.
30 सितंबर तक दस्तावेज कर लें अपडेट
जिला पूर्ति अधिकारी ने वाहन स्वामियों से कहा है कि वे 30 सितंबर तक अपने वाहन के सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच कर लें. खासतौर पर प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता जरूर देख लें. अगर PUC की अवधि खत्म हो चुकी है या जल्द खत्म होने वाली है तो समय रहते उसका नवीनीकरण करा लेना जरूरी होगा. विभाग का कहना है कि ऐसा करने से 1 अक्टूबर के बाद पेट्रोल या डीजल लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.
बिना PUC वाहन चलाया तो चालान भी होगा
जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के वाहन चलाने पर सिर्फ पेट्रोलडीजल मिलने में परेशानी नहीं होगी, बल्कि चालान की कार्रवाई भी की जा सकती है. इसके लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक व्यवस्था की जा रही है.
पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश
जिला पूर्ति अधिकारी ने गाजियाबाद के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया है कि 1 अक्टूबर से बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को ईंधन उपलब्ध न कराया जाए. पेट्रोल पंपों पर ऐप के जरिए वाहन के PUC की जांच की व्यवस्था लागू की जा रही है.
प्रदूषण कम करने के लिए उठाया कदम
जिला पूर्ति विभाग के मुताबिक, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है. साथ ही वाहन मालिकों को समय पर प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाने और उसका नवीनीकरण कराने के लिए जागरूक करना भी इसका मकसद है. ऐसे में गाजियाबाद के वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि वे 30 सितंबर से पहले अपने PUC की वैधता जरूर जांच लें.