उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने अब विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के कैंपस पर फोकस बढ़ा दिया है. अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी छात्र सभा 25 सितंबर से छात्रों के बीच विशेष अभियान शुरू करने जा रही है. इस अभियान के तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों को 4 पन्नों की एक पम्पलेट और संविधान की किताब बांटी जाएगी. साथ ही GenZ को समाजवादी पार्टी से जोड़ने के लिए छात्रों के बीच संवाद और संपर्क अभियान चलाया जाएगा.

इस अभियान के जरिए सपा छात्रों और नौजवानों से जुड़े मुद्दों को सीधे कैंपस तक ले जाने की तैयारी में है. पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया, रोजगार, आरक्षण, फीस, छात्रवृत्ति, छात्र अधिकार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को अभियान का प्रमुख आधार बनाया गया है.
छात्रों से अपील के जरिए अखिलेश की सीधी बात
छात्रों के बीच बांटी जाने वाली कंपलेट में छात्रों से अपील शीर्षक से अखिलेश यादव की ओर से संदेश दिया गया है. इसमें छात्रों से सीधे संवाद करते हुए पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में देरी को उनकी मेहनत और भविष्य से जोड़ने की बात कही गई है.
अपील में कहा गया है कि छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों मेहनत की, लेकिन पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया की अनिश्चितता के कारण उनका समय और भविष्य प्रभावित हुआ. इसमें छात्रों के आंदोलन और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा भी उठाया गया है.
सपा की ओर से यह संदेश दिया गया है कि सरकार बनने पर छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाएगा और परीक्षा तथा भर्ती व्यवस्था में उनकी मेहनत और प्रतिभा के साथ न्याय किया जाएगा.
आरक्षण और सामाजिक न्याय को बनाया बड़ा मुद्दा
पम्पलेट में आरक्षण और सामाजिक न्याय को भी प्रमुखता दी गई है. इसमें कहा गया है कि आरक्षण संविधान से मिला अधिकार है और आरक्षण था, है और रहेगा की बात कही गई है. लेटरल एंट्री के जरिए आरक्षण और सामाजिक न्याय की व्यवस्था को दरकिनार किए जाने का आरोप लगाते हुए इसे PDA समाज के युवाओं के बीच असुरक्षा और अविश्वास से जोड़ा गया है. विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक प्रतिनिधित्व तथा समान अवसर का सवाल भी उठाया गया है. शिक्षा और नौकरी पर किसी एक वर्ग का अधिकार नहीं हो सकता. PDA समाज के छात्रों को भी समान अवसर मिलना चाहिए.
जातीय जनगणना से जोड़कर बनाया गया पूरा एजेंडा
छात्रों के लिए जारी इस अपील में 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जातीय जनगणना कराने की बात कही गई है. इसमें आबादी और भागीदारी के अनुपात में अवसर, प्रतिनिधित्व और नौकरी में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने का वादा किया गया है. यानी कैंपस अभियान के जरिए सपा छात्र मुद्दों को अपने सामाजिक न्याय और PDA एजेंडे से जोड़ने की तैयारी में है.
18 मुद्दों के जरिए छात्रों तक पहुंचेगी सपा
- पेपर लीक पर प्रभावी रोक
- रोजगार और कैंपस प्लेसमेंट
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
- फीस वृद्धि पर नियंत्रण
- समय पर छात्रवृत्ति
- आरक्षण और समान अवसर की रक्षा
- जातीय जनगणना और सामाजिक न्याय
- छात्र संघ चुनाव
- बेहतर पुस्तकालय
- डिजिटल डिवाइस और इंटरनेट
- समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- नए विश्वविद्यालय और महाविद्यालय
- कैंपस की मूलभूत सुविधाएं
- छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाएं
- छात्र शिकायत निवारण व्यवस्था
- निष्कासन और अनुशासनात्मक कार्रवाई में निष्पक्षता
- मानसिक और भावनात्मक सहयोग
- खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल हैं
लैपटॉप से लेकर रोजगार तक, छात्र हितों पर फोकस
पम्पलेट में समाजवादी सरकार के दौरान छात्रों को लैपटॉप दिए जाने का उल्लेख करते हुए 2027 में सरकार बनने पर फिर से मुफ्त लैपटॉप वितरण की योजना को आगे बढ़ाने की बात कही गई है. इसके साथ ही जरूरतमंद छात्रों को डिजिटल संसाधन और बेहतर इंटरनेट उपलब्ध कराने, उच्च शिक्षण संस्थानों में पुस्तकालय और मूलभूत सुविधाएं मजबूत करने तथा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में रोजगारपरक शिक्षा और कैंपस प्लेसमेंट को बेहतर बनाने का वादा किया गया है. सपा के इस अभियान में छात्र राजनीति और लोकतांत्रिक अधिकारों को भी जगह दी गई है. छात्र संघ चुनाव को मजबूत करने, छात्रों की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और अनुशासनात्मक कार्रवाई में निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने की बात कही गई है.
इसके अलावा पढ़ाई, परीक्षा और रोजगार के दबाव को देखते हुए विश्वविद्यालयों में परामर्श और सहयोग की सुविधाएं मजबूत करने तथा खेल, कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का भी वादा किया गया है.
GenZ को जोड़ने की रणनीति
2027 के चुनाव से पहले सपा के इस पूरे अभियान का एक अहम फोकस GenZ है. विश्वविद्यालय और कॉलेजों के छात्रों के बीच जाकर पार्टी की विचारधारा, संविधान, सामाजिक न्याय और रोजगार जैसे मुद्दों से नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश की जाएगी. संविधान की किताब बांटने के फैसले के जरिए पार्टी छात्रों के बीच संविधान, आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्रमुखता से रखने जा रही है. वहीं पांच पन्नों की कंपलेट के जरिए सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को एक साथ सामने रखा जाएगा.
सपा के इस अभियान को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से पहले विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों के बीच लगातार संपर्क बनाया जाए और युवा मतदाताओं के बीच अपने मुद्दों को पहुंचाया जाए. इस पूरे अभियान में पेपर लीक और रोजगार से लेकर आरक्षण, जातीय जनगणना, संविधान और सामाजिक न्याय तक के मुद्दों को एक साथ जोड़ा गया है. अखिलेश यादव की छात्रों से अपील का संदेश भी इसी लाइन पर है छात्र पढ़ें, सवाल पूछें, अपने अधिकारों को जानें और अपने भविष्य के लिए आवाज उठाएं.