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Dharam

Vishwakarma Puja पर मशीनों पर Swastik बनाने और औजारों की पूजा का धार्मिक महत्व​

हिंदू धर्म में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को संसार का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना गया है। वैसे यह दिन उन लोगों के लिए बेहद खास है, जो कि किसी न किसी निर्माण कार्य, तकनीक या मशीनरी से जुड़े हुए हैं। इस दिन फैक्ट्रियों, कारखानों, […]

हिंदू धर्म में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को संसार का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना गया है। वैसे यह दिन उन लोगों के लिए बेहद खास है, जो कि किसी न किसी निर्माण कार्य, तकनीक या मशीनरी से जुड़े हुए हैं।

इस दिन फैक्ट्रियों, कारखानों, मीटर गैराज, दुकानों और यहां तक कि हमारे घरों में भी मशीनों की पूजा की जाती है। गौरतलब है कि विश्वकर्मा जयंती के दिन कारखानों में मशीन, औजरों की विशेष पूजा की जाती है। आपने भी देखा होगा कि पूजा के समय मशीनों को अच्छे साफ किया जाता है और फिन उन पर रोली या सिंदूर से ‘स्वस्तिक’ का पवित्र का चिह्न बनाकर पूजा की जाती है। आइए आपको बताते हैं आखिर ऐसा क्यों किया जाता है।

मशीनों पर स्वस्तिक क्यों बनाया जाता है?

सनातन धर्म में स्वस्तिक को अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। जब विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों, वाहनों और औजरों पर स्वस्तिक बनाया जाता है, तो इसके पीछे यह मान्यता होती है कि भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद इन मशीनों पर बना रहेगा।

असल में स्वस्तिक बनाने से मशीनों में सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है, जिससे वे सुचारु रुप से चलती हैं और जल्दी खराब नहीं होती है। इसके साथ ही चिह्न किसी भी तरह की कार्यस्थल दुर्घटना या तकनीकी खराबी से बचाने का भी काम करता है।

संसार के पहले इंजीनियर

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का सबसे पहला वास्तुकार और इंजीनियर माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में देवीदेवताओं के लिए सुंदर भवन, स्वर्ग लोक, पुष्पक विमान और शक्तिशाली हथियारों का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था। इस दुनिया में जो कुछ भी सृजानात्मक है, जिससे हमारा जीवन आसान और संचालित होता है, वह सब उन्हीं देने है।

औजारों की पूजा का असली महत्व

विश्वकर्मा पूजा वाले दिन सभी इंजीनियर, बढ़ई, वेल्डर, राजमिस्त्री और कारीगर अपनेअपने औजारों की पूरे विधिविधान से पूजा की जाती है। वैसे यह पूजा हमारे काम और रोजीरोटी के साधनों के प्रति सम्मान और धन्यवाद जताने का एक सुंदर तरीका है। वहीं, लोगों का दृढ़ विश्वास है कि औजारों की पूजा करने से उनके हुनर में गजब का निखार आता है। भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से व्यापार में दिनदूनी रातचौगुनी हो जाती है और जीवन में सुखसमृद्धि बनीं रहती हैं।

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संपादकीय टीम

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