Kanpur Businessman Vineet Minocha Murder: कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश में उनकी बहू शालू और पुराने नौकर विशाल गौतम की भूमिका सामने आई है. जांच में सबसे अहम कड़ी फोन कॉल रिकॉर्ड बनी है. हत्या से पहले के 21 दिनों में शालू, उसके पति सुब्रत और विशाल गौतम के बीच करीब 330 बार बातचीत हुई थी. इनमें करीब 30 कॉल शालू और विशाल के बीच, जबकि करीब 300 कॉल सुब्रत और विशाल के बीच हुईं.

हत्या वाले दिन 14 बार हुई बातचीत
पुलिस के मुताबिक, हत्या वाले दिन शालू और विशाल के बीच 14 बार फोन पर बातचीत हुई. जांच में शालू और विशाल के बीच हुई वॉट्सऐप कॉल का रिकॉर्ड भी पुलिस को मिला है. पुलिस का कहना है कि विशाल ने दोनों के बीच हुई चैट डिलीट कर दी थी, लेकिन कॉल रिकॉर्ड जांच में सामने आ गए. इन कॉल डिटेल और CCTV फुटेज की मदद से पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं.
हालांकि, करीब 300 कॉल सुब्रत की तरफ से विशाल को किए जाने को लेकर पुलिस अभी जांच कर रही है. सुब्रत की ओर से बताया गया है कि विशाल घर के छोटेमोटे और बाहरी काम करता था, इसलिए उसके साथ लगातार संपर्क रहता था. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन कॉल में कितनी बातचीत सामान्य कामकाज से जुड़ी थी और कितनी हत्या साजिश से?
3 महीने पहले शुरू हुई थी साजिश
पुलिस के अनुसार, शालू ने करीब तीन महीने पहले हत्या की योजना बनानी शुरू की थी. जांच में सामने आया है कि उसने पुराने नौकर विशाल गौतम से दोबारा संपर्क बढ़ाया. पुलिस का दावा है कि शालू विशाल से बातचीत करती थी, उसकी तारीफ करती थी और उसकी निजी जिंदगी के बारे में भी जानकारी लेती थी. पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश की वजह घर में लगे CCTV कैमरों को लेकर विवाद था. आरोप है कि शालू ने विशाल को हत्या के लिए 6 लाख रुपए देने की बात तय की थी.
डुप्लीकेट चाबी बनवाने का भी आरोप
शालू ने फ्लैट की असली चाबी विशाल को दी थी, ताकि उसकी डुप्लीकेट चाबी तैयार कराई जा सके. पुलिस का आरोप है कि उसने विशाल को यह भी बताया कि वह, उसका पति और बेटा किस समय घर से बाहर रहेंगे. पुलिस के अनुसार, विशाल ने वारदात में अपने साथी राजकिशोर को शामिल किया. दोनों 5 सितंबर की रात खुद को दवा पहुंचाने वाला बताकर अपार्टमेंट में दाखिल हुए. पुलिस के मुताबिक, सोसाइटी के गार्ड को भी फोन के जरिए उनके आने की जानकारी दी गई थी.
पहले हार्ट अटैक जैसा दिखाने की थी योजना
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी फ्लैट के एक कमरे में छिपकर विनीत मिनोचा के लौटने का इंतजार कर रहे थे. योजना के मुताबिक, उनकी कोशिश हत्या को हार्ट अटैक जैसी सामान्य मौत दिखाने की थी. हालांकि, रात करीब 10:55 बजे मिनोचा घर पहुंचे और दोनों आरोपियों को देख लिया. इसके बाद आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया. पुलिस के मुताबिक, कारोबारी पर चाकू से कई वार किए गए और उनका गला भी रेता गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चाकू के 26 घाव मिले.
घर से सामान चोरी नहीं हुआ
हत्या के बाद पुलिस ने जब फ्लैट की जांच की तो शुरुआती तौर पर कोई बड़ी नकदी या ज्वेलरी चोरी होने की बात सामने नहीं आई. इससे पुलिस को मामला सामान्य लूट के बजाय किसी साजिश का होने का शक हुआ. इसके बाद परिवार के लोगों और पुराने घरेलू सहायकों से जुड़े पहलुओं की भी जांच शुरू की गई. CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और सोसाइटी गार्ड के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई.
एनकाउंटर के बाद विशाल और राजकिशोर गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को 6 सितंबर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया. दोनों के पैर में गोली लगी थी. इसके अगले दिन शालू को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इस तरह वारदात के करीब 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए.
सुब्रत की भूमिका की अभी जांच
इस पूरे मामले में कारोबारी के बेटे सुब्रत की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में है. हालांकि, उसके खिलाफ साजिश में शामिल होने का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है. पुलिस 330 कॉल के रिकॉर्ड समेत अन्य सबूतों की जांच कर रही है. वहीं, परिवार के मुताबिक, शालू की गिरफ्तारी के बाद उसका पांच साल का बेटा काफी सहमा हुआ है. वह ठीक से खाना और सो नहीं पा रहा है. कई बार रात में डरकर उठ जाता है और अपनी मां को बुलाता है. परिवार के अनुसार, बच्चा अपने दादा विनीत मिनोचा के काफी करीब था. विनीत ने उसके पिछले जन्मदिन पर उसे बाइक भी गिफ्ट की थी.