Karnataka News: कर्नाटक के कोलार जिले की मुलबागिलु थाना पुलिस ने पिछले दो सालों से क्षेत्र में खौफ का पर्याय बने शातिर ‘मंकी कैप’ चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. ये गिरोह दिन के समय पुराने बर्तन बेचने का नाटक कर बंद मकानों की रेकी करता था और रात में मंकी कैप पहनकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था. पुलिस ने इनके पास से 52 लाख रुपये मूल्य के 322 ग्राम सोने के आभूषण और 2 किलो चांदी बरामद की है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों शातिर अपराधी तमिलनाडु के तिरुपत्तूर के मूल निवासी हैं. पुलिस ने मुनिराजु, सतीश कुमार और पेरुमल को गिरफ्तार किया है. ये गिरोह कोलार जिले के मुलबागिलु कस्बे के टीचर्स कॉलोनी, शिवकेशव नगर सहित आसपास के कई गांवों में लगातार चोरी की घटनाएं कर रहा था. पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले दो सालों के दौरान आरोपी कोलार जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई कम से कम 10 बड़ी चोरी की वारदातों में सीधे तौर पर शामिल थे.
कर्नाटक में चोरी के पैसों से तमिलनाडु में बनवाया 20 लाख का मकान
पुलिस की जांच में आरोपियों के संपत्ति से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. गिरोह कर्नाटक में चुराए गए सोनेचांदी के गहनों को बेचकर मिलने वाले पैसों से अपने गृह राज्य तमिलनाडु के तिरुपत्तूर में करीब 20 लाख रुपये की लागत से एक आलीशान मकान बनवा रहा था. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने चोरी के पैसों से बनाए गए इस मकान को जब्त करने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
ASP मनीषा का गुप्त ऑपरेशन और CCTV में कैद खौफनाक हरकत
मुलबागिलु की एएसपी मनीषा इस मंकी कैप गिरोह की गतिविधियों पर लगातार बारीक नजर रखे हुए थीं. मुलबागिलु शहर में रात के समय बंदर टोपी पहने और नंगे पैर सन्नाटे में घूमते चोरों की खौफनाक तस्वीरें CCTV कैमरों में कैद हो गई थीं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई थी. आरोपी बेहद शातिराना अंदाज में काम करते थे. दिन में किसी को शक न हो, इसलिए वे गलियों में पुराने बर्तन बेचने का काम करते थे और बंद घरों का पता लगाते थे. रात होते ही वे मंकी कैप पहनकर और नंगे पैर सेंधमारी करते थे.
52 लाख का माल बरामद, पीड़ित परिवारों को जगी गहने मिलने की आस
पुलिस ने एक आरोपी कृष्णा की गिरफ्तारी के लिए पहले जाल बिछाया था, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ. पुलिस ने आरोपियों से 322 ग्राम सोने के जेवर और 2 किलो चांदी के आभूषण जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 52 लाख रुपये आंकी गई है. चोरी की शिकार बनी पीड़िता रूप ने बताया कि जब उनके घर से 1 लाख रुपये से अधिक के गहने चोरी हुए थे, तो उन्हें वापस मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई से लोग बेहद राहत महसूस कर रहे हैं. पुलिस अब कर्नाटक के अन्य जिलों में हुई चोरी की घटनाओं में भी इस गिरोह की संलिप्तता की जांच कर रही है ताकि बरामद सामान को उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया जा सके.