घर में अचानक किसी की तबीयत बिगड़ जाए या रूटीन हेल्थ चेकअप करना हो, तो सबसे पहले ब्लड प्रेशर (बीपी) की जांच की जाती है। आज के समय में हर घर में कोई न कोई व्यक्ति ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहा है, इसलिए इसे कंट्रोल रखने और नियमित रूप से मॉनिटर करने पर विशेष जोर दिया जाता है। रोजाना बीपी चेक कराने के लिए डॉक्टर के पास जाना हर किसी के लिए संभव नहीं होता, इसलिए अब अधिकांश लोग घर पर ही डिजिटल बीपी मॉनिटर रखते हैं। हालांकि, ब्लड प्रेशर की रीडिंग तभी सटीक आती है जब उसे सही तरीके से मापा जाए।

गलत तरीके से बीपी चेक करने पर रीडिंग भी गलत आ सकती है, जिससे दवा की खुराक और इलाज प्रभावित हो सकता है। RegisteredNurseRN.com में रजिस्टर्ड नर्स सारा ने मैनुअली ब्लड प्रेशर चेक करने का सही तरीका बताया है। एक्सपर्ट ने बताया ब्लड प्रेशर की सटीक रीडिंग पाने के लिए सही तकनीक का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। गलत तरीके से बीपी मापने पर रीडिंग प्रभावित हो सकती है, जिससे इलाज और दवा की खुराक पर असर पड़ सकता है। घर पर ब्लड प्रेशर चेक करते हैं, तो जरूरी है कि बीपी मापने के वैज्ञानिक और सही तरीकों को अपनाएं, ताकि आपको सटीक रीडिंग मिले और आप अपनी सेहत का बेहतर ख्याल रख सकें।
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ब्लड प्रेशर चेक करने से पहले क्या करें?
ब्लड प्रेशर चेक करने से पहले हाथों की सफाई (हैंड हाइजीन) करें। उसके बाद स्टेथोस्कोप और मैनुअल ब्लड प्रेशर कफ तैयार रखें और मरीज को आराम से बैठाएं। ब्लड प्रेशर चेक करने के लिए मरीज का हाथ हार्ट के स्तर पर होना चाहिए। दोनों पैर जमीन पर सीधे टिके हों और क्रॉस न किए गए हों। सारा के मुताबिक, मरीज के हाथ के अनुसार सही आकार का कफ इस्तेमाल करना चाहिए। बहुत बड़ा या बहुत छोटा कफ बीपी की रीडिंग को गलत बना सकता है। बीपी मापने के लिए बाजू के मोड़ (कोहनी के अंदरूनी हिस्से) में मौजूद ब्रेकियल आर्टरी को महसूस किया जाता है। यही वो धमनी है, जिसकी आवाज सुनकर ब्लड प्रेशर की रीडिंग ली जाती है।
कफ कैसे लगाएं?
कफ को कोहनी के मोड़ से लगभग 2 इंच ऊपर बांधें। कफ पर बने तीर (Arrow) को ब्रेकियल आर्टरी की दिशा में रखें। सिस्टोलिक प्रेशर का अनुमान लगाएं।
किस हाथ से बीपी चेक करें?
पहली बार बीपी मापते समय दोनों हाथों में ब्लड प्रेशर चेक करना चाहिए। अगर दोनों हाथों की रीडिंग में अंतर हो, तो आगे हमेशा उसी हाथ में बीपी मापें जिसमें रीडिंग ज्यादा आती है। आमतौर पर अधिकांश लोग बाएं हाथ में बीपी मापते हैं क्योंकि ये हृदय के अधिक करीब होता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर बार एक ही हाथ का इस्तेमाल किया जाए ताकि रीडिंग की तुलना सही ढंग से हो सके।
बीपी मापने का तरीका
- अनुमानित सिस्टोलिक प्रेशर से लगभग 30 mmHg अधिक तक कफ फुलाएं।
- स्टेथोस्कोप को ब्रेकियल आर्टरी के ऊपर हल्के से रखें।
- कफ की हवा को धीरे-धीरे लगभग 2 mmHg प्रति सेकंड की गति से निकालें।
- जो पहली स्पष्ट ध्वनि सुनाई दे, वह सिस्टोलिक (ऊपरी) ब्लड प्रेशर होता है।
- जिस बिंदु पर ध्वनि पूरी तरह बंद हो जाए, वह डायस्टोलिक (निचला) ब्लड प्रेशर होता है।
- उदाहरण के लिए, यदि पहली आवाज 104 mmHg पर सुनाई दे और अंतिम आवाज 78 mmHg पर बंद हो जाए, तो ब्लड प्रेशर 104/78 mmHg माना जाएगा।
ऑटोमैटिक मशीन से बीपी कैसे मापें?
- कफ को बाजू पर कोहनी से लगभग 2-3 सेंटीमीटर ऊपर बांधें।
- कफ न ज्यादा ढीला हो और न बहुत कसा हुआ।
- हाथ को टेबल पर इस तरह रखें कि वह हृदय की ऊंचाई के बराबर रहे।
- बीपी मशीन का स्टार्ट बटन दबाएं।
- मशीन अपने आप कफ में हवा भरेगी और फिर धीरे-धीरे हवा निकालेगी।
- इस दौरान बात न करें, हिलें-डुलें नहीं और मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
- कुछ सेकंड बाद स्क्रीन पर सिस्टोलिक (ऊपरी), डायस्टोलिक (निचली) और पल्स रेट दिखाई देगी।
- सटीक रीडिंग के लिए एक बार की रीडिंग पर भरोसा न करें बल्कि एक से दो बार चेक करें।
सामान्य ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए?
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (2017) के अनुसार
- नॉर्मल बीपी: 120/80 mmHg से कम
- सिस्टोलिक 120-129 mmHg और डायस्टोलिक 80 mmHg से कम
- हाइपरटेंशन स्टेज 1: सिस्टोलिक 130-139 mmHg या डायस्टोलिक 80-89 mmHg
- हाइपरटेंशन स्टेज 2: सिस्टोलिक 140 mmHg या उससे अधिक, या डायस्टोलिक 90 mmHg या उससे अधिक
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। ब्लड प्रेशर की जांच, उसके परिणामों की व्याख्या और उपचार के लिए हमेशा योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें। घर पर बीपी मॉनिटरिंग से मिली रीडिंग चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। यदि आपका ब्लड प्रेशर लगातार असामान्य आ रहा है या आपको चक्कर, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।












