मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमतें 10 महीने से अधिक समय में पहली बार 2 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे आ गईं. वहीं, सोने की कीमत में 500 रुपए की गिरावट आई. ग्लोबल सर्राफा बाजारों में कमजोरी और डॉलर के मजबूत होने का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है. इसका सबसे बड़ा कारण फेड रिजर्व की मीटिंग के बाद पॉलिसी का ऐलान हो सकता है. जिसमें एक और कटौती देखने को मिल सकती है. जानकारों की मानें तो अगर फेड एक और 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करता है तो सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर देश की राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी के दाम कितने हो गए हैं…

10 महीने के लो पर चांदी
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, चांदी की कीमत 4,000 रुपए गिरकर 1.98 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो पिछले 10 महीनों का निचला स्तर है. इससे पिछले सत्र में चांदी 2.02 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी. 16 दिसंबर को चांदी का भाव 1,98,500 रुपए प्रति किलोग्राम था. 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 500 रुपए घटकर 1,45,800 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई. सोमवार को यह 1,46,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि डॉलर के मजबूत होने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में सोना दबाव में रहा. आगे के रुझान पर त्रिवेदी ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में उतारचढ़ाव बने रहने की उम्मीद है, और निकट भविष्य में यह 1.40 लाख से 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकती हैं.
विदेशी बाजारों का हाल
ग्लोबल मार्केट्स में, हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 4,011.44 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 53.41 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. निवेश प्लेटफॉर्म ‘मुद्रेक्स’ के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3 महीने के निचले स्तर 3,975 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने के बाद अब 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर हो रहा है. तेल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिली है.
क्या आगे भी आएगी गिरावट?
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ‘लेमन’ के रिसर्च हेड, गौरव गर्ग ने कहा कि चांदी का प्रदर्शन सोने के मुकाबले कमजोर है. 54 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे इसमें भारी बिकवाली का दबाव दिख रहा है, जो कि 11 महीने के निचले स्तर के करीब है. साथ ही, औद्योगिक मांग को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं. HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी सीनियर एनालिस्ट, सौमिल गांधी ने कहा कि US फेडरल रिजर्व की 28 अक्टूबर को होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी बैठक से पहले निवेशक सतर्क हैं. इस बैठक में ब्याज दरों पर लिया जाने वाला फैसला और चेयरमैन केविन वॉर्श द्वारा दिए जाने वाले संकेत, बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं.”