उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने तीसरे उम्मीदवार के नामांकन की तैयारी तेज कर दी है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश ने पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी को सपा दफ्तर बुलाया है. फार्म भरने से लेकर नामांकन के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार कराने तक की जिम्मेदारी अंबिका चौधरी संभाल रहे हैं. इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कई विधायकों को भी पार्टी कार्यालय बुलाया है.

माना जा रहा है कि आज ही सपा अपने तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है और नामांकन दाखिल कराया जा सकता है. नामांकन के बाद पार्टी यह तय करेगी कि उसके दो और तीन नंबर के उम्मीदवारों के बीच वरीयता का क्रम क्या रहेगा. यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है. अभी तक बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है.
यूपी विधानसभा के कुल 403 सदस्यों में से वर्तमान में 397 विधायक हैं. ऐसे में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत है.
बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास कुल 292 विधायक हैं, जबकि सपा गठबंधन के पास 103 विधायक हैं. एनडीए में बीजेपी के 256, अपना दल के 13, आरएलडी के 9, सुभासपा के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं. दो विधायक राजा भैया की पार्टी के हैं. इन्हें मिलाकर यह आंकड़ा 291 विधायकों का होता है. इसके अलावा मनोज पांडेय समेत तीन निर्दलीय विधायक हैं, जिनका समर्थन बीजेपी को है. यानी बीजेपी के पास 294 विधायक हैं.
वहीं, सपा और कांग्रेस को मिलाकर कुल 103 विधायक हैं. इसमें 101 विधायक सपा के हैं, जिसमें पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी, महराजी प्रजापति, आशुतोष मौर्य और राकेश पांडेय शामिल हैं. पिछले चुनाव में इन पांचों ने बागी रुख अपनाया था.. चार ने बीजेपी प्रत्याशी को वोट दिया था, जबकि महराजी प्रजापति वोट देने ही नहीं पहुंची थीं… अगर इस बार भी इन चारों ने सपा को वोट न दिया था तो संख्या 98 हो जाएगी. इसके अलावा सपा के एक विधायक रमाकांत यादव जेल में हैं… अगर वोट डालने की अनुमति नहीं मिलेगी तो वह वोट नहीं डाल पाएंगे. ऐसी स्थिति में सपा के पास अतिरिक्त 23 वोट बचेंगे.. अगर रमाकांत यादव को वोट डालने की अनुमति मिलती है तो संख्या 24 हो जाएगी.
राज्यसभा की एक सीट के लिए 37 विधायकों की जरूरत के आधार पर बीजेपी को सात सीटें जीतने के लिए 259 विधायक चाहिए होंगे, जिसके बाद उसके पास 35 सरप्लस वोट बचेंगे. हालांकि, इसमें से कई विधायक सपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं. इसमें सुभासपा के करीब 4 विधायक शामिल हैं. इसके अलावा RLD के दो विधायक, बीजेपी के करीब 10 से 12 विधायक और निषाद पार्टी के कुछ विधायक शामिल हैं. सपा को तीसरी और बीजेपी को आठवीं सीट जीताने के लिए करीब 1112 वोट चाहिए…. जो इस चुनाव को बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर बना रहा है.