BusinessViral

शेयर बाजार में गदर काटने आ रहा है Zepto का ₹9300 करोड़ का IPO, सेबी ने दे दी हरी झंडी!

Zepto IPO: 10 मिनट में डिलीवरी करने वाली मशहूर कंपनी जेप्टो (Zepto) जल्द ही शेयर बाजार में अपना जलवा बिखेरने की तैयारी कर रही है. बाजार नियामक संस्था सेबी (SEBI) ने जेप्टो के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ (IPO) को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद अब कंपनी के लिए दलाल स्ट्रीट पर लिस्ट होने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है.

शेयर बाजार में गदर काटने आ रहा है Zepto का ₹9300 करोड़ का IPO, सेबी ने दे दी हरी झंडी!
शेयर बाजार में गदर काटने आ रहा है Zepto का ₹9300 करोड़ का IPO, सेबी ने दे दी हरी झंडी!

7500 से 9300 करोड़ रुपये का होगा मेगा इश्यू

मनी कंट्रोल की एक खबर के मुताबिक, जेप्टो इस आईपीओ के जरिए बाजार से भारी-भरकम रकम जुटाने की योजना बना रही है. कंपनी का लक्ष्य 80 करोड़ डॉलर से लेकर 1 अरब डॉलर तक का फंड इकट्ठा करना है. अगर इसे भारतीय रुपये में देखा जाए, तो यह आंकड़ा लगभग 7,500 करोड़ रुपये से लेकर 9,300 करोड़ रुपये के बीच बैठता है. इतनी बड़ी रकम का मतलब है कि जेप्टो अपने कारोबार को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है. फिलहाल कंपनी अपने अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) को अंतिम रूप देने में जुटी है. सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार चला, तो अगले 60 से 90 दिनों के भीतर कंपनी के शेयर बाजार में ट्रेड करते नजर आएंगे.

Khabar Monkey

महज 4 साल में शेयर बाजार तक का सफर

जेप्टो की यह कामयाबी इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इस कंपनी की शुरुआत साल 2020 में हुई थी. महज कुछ सालों के छोटे से सफर में स्टॉक एक्सचेंज तक पहुंचना किसी भी स्टार्टअप के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. दिलचस्प बात यह है कि लिस्टिंग के बाद जेप्टो देश की इकलौती ‘प्योर प्ले’ क्विक कॉमर्स कंपनी बन जाएगी, जिसके शेयर सीधे तौर पर बाजार में उपलब्ध होंगे. ‘प्योर प्ले’ का अर्थ है कि कंपनी का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ तेज डिलीवरी वाले बिजनेस मॉडल पर ही केंद्रित है. हालांकि, आईपीओ की टाइमलाइन और लिस्टिंग को लेकर पूछे गए सवालों पर फिलहाल जेप्टो प्रबंधन ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.

दिग्गज कंपनियों से सीधी टक्कर की है तैयारी

बाजार में पैसा लगाने वाले रिटेल निवेशकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जेप्टो को इतनी बड़ी रकम की जरूरत क्यों पड़ रही है. पिछले साल सितंबर में जब जेप्टो ने आईपीओ की तैयारी शुरू की थी, तब शुरुआती प्लान 50 करोड़ डॉलर जुटाने का था. लेकिन बाद में इस लक्ष्य को बढ़ा दिया गया. दरअसल, क्विक कॉमर्स का बाजार अब बेहद आक्रामक हो चुका है. कंपनी को ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट, एमेजॉन नाउ, फ्लिपकार्ट मिनट्स और टाटा के स्वामित्व वाली बिग बास्केट जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों से सीधा मुकाबला करना है. इन बड़े खिलाड़ियों के सामने मजबूती से टिके रहने और बाजार पर अपनी पकड़ बनाने के लिए जेप्टो को इस पूंजी की सख्त जरूरत है.

रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रहे हैं जेप्टो के ऑर्डर

कंपनी के ग्राहकों की संख्या और दैनिक ऑर्डर बुक में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है. एक समय था जब यह क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म हर दिन करीब 15 से 17 लाख ऑर्डर की डिलीवरी करता था. लेकिन अब यह आंकड़ा छलांग लगाकर 25 लाख ऑर्डर प्रतिदिन तक पहुंच गया है. रोजाना 25 लाख घरों तक सामान पहुंचाना यह साबित करता है कि ग्राहकों के बीच इस सेवा की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.
khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply