गर्मियों में तेज धूप और उमस की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और एनर्जी भी लो फील होने लगती है. ऐसे में कुछ फूड्स आपको न सिर्फ दोबारा से एनर्जाइज करते हैं बल्कि ठंडक भी पहुंचाते हैं. ऐसे ही दो फूड हैं मखाना और छाछ, लेकिन क्या इन दोनों को एक साथ लिया जा सकता है. दरअसल जनरली लोग दूध में मखाने भिगोकर खाते हैं. क्या छाछ में भी मखाने भिगोकर खा सकते हैं. इन दोनों चीजों का कॉम्बिनेशन कैसे आपकी सेहत पर असर दिखाता है.

छाछ प्रोबायोटिक होता है और ये विटामिन डी, बी 12 से लेकर कैल्शियम का भी अच्छा सोर्स है. इस वजह से समर सीजन में ये एक बेहतरीन नेचुरल ड्रिंक है जो शरीर को हाइड्रेट करती है. इसी के साथ इससे सेहत को कई फायदे होते हैं, लेकिन क्या होगा कि जब आप छाछ में मखाने भिगोकर खाते हैं. चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जान लेते हैं.
ये बात ध्यान रखना जरूरी
आयुर्वेद एक्सपर्ट किरण गुप्ता कहती हैं कि अगर आप गर्मियों में छाछ में मखाने भिगोकर खाते हैं तो कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है. आप छाछ में मखाने भिगोने के बाद अगर ओवरनाइट छोड़ रहे हैं तो नॉर्मल टेम्परेचर पर रखने की गलती न करें. इसे फ्रिज में रखना सही रहता है. दरअसल अगर आप इसे फ्रिज के बाहर रखते हैं तो छाछ खट्टा हो जाता है, जिसे पीना मुश्किल होता है. कई बार इसका स्वाद कसैला तक हो सकता है.
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पेट रहेगा ठंडा
गर्मी के दिनों में अक्सर डाइजेशन खराब होने की समस्या हो जाती है. दरअसल पेट की गर्मी की वजह से भी कई बार पाचन बिगड़ सकता है. यही वजह है कि इस मौसम में कम तेल-मसालों की चीजें खाने की सलाह दी जाती है. छाछ और मखाने दोनों का कॉम्बिनेशन आपके पेट को अंदर से ठंड रखने में मदद करता है.
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कैल्शियम मिलेगा भरपूर
छाछ में मखाने भिगोकर खाने से शरीर में कैल्शियम की मात्रा अच्छी जाती है, क्योंकि मखाने भी इस मिनरल का बेहतरीन सोर्स हैं. वहीं इससे आपको पोटेशियम, मैग्नीशियम जैसे मिनरल भी मिलेंगे. ये आपकी हड्डियों के लिए फायदा पहुंचाते हैं. मखाने आपकी हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदा करते हैं.
लूज मोशन में फायदेमंद
छाछ में प्रोबायोटिक्स यानी गुड बैक्टीरिया होते हैं. ये आपके पाचन को दुरुस्त बनाने में मदद करते हैं. मखाने में एंटी-डायरेहल प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं, इसलिए इन दोनों का कॉम्बिनेशन लूज मोशन से राहत दिलाने में सहायक रहता है. हालांकि अगर आप लैक्टोज इंटॉलरेंस हैं तो छाछ न लें. इसी के साथ ध्यान रखें कि मखाने और छाछ इस स्थिति में सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए.





