Moradabad murder case: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में करीब आठ साल पुराने चर्चित सोनू हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-7) चंचल सिंह की अदालत ने आरोपी रानी, राधा और अशोक उर्फ फकीरा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही अदालत ने तीनों दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

यह मामला मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र का है. घटना 7 नवंबर 2018 की है, जब बमैनिया गांव के जंगल में एक युवक की हत्या कर उसका शव फेंक दिया गया था. हत्यारों ने शव को सुनसान इलाके में फेंककर पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी. मामले में मृतक के पिता जयपाल सिंह निवासी ग्राम गिंदौड़ा ने पाकबड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.
शादी से 38 दिन पहले हत्या
मृतक सोनू की उम्र 22 साल थी और उसकी शादी होने में महज 38 दिन बाकी थे. पुलिस जांच में सामने आया है कि उसकी मंगेतर रानी का गांव के ही अशोक के साथ प्रेम संबंध था. आरोप है कि रानी, उसकी मां और प्रेमी अशोक ने मिलकर सोनू की हत्या की साजिश रची. पुलिस के मुताबिक, लाइट ठीक कराने के बहाने सोनू को बुलाया गया और फिर अंगोछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई.
कैसे सजा तक पहुंचे कातिल?
जांच के दौरान पुलिस ने मामले की बारीकी से पड़ताल की. उपनिरीक्षक नीरज कुमार सिंह ने घटनास्थल से अहम सबूत जुटाए और मजबूत चार्जशीट अदालत में दाखिल की. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में इस मामले की लगातार मॉनिटरिंग की गई. पैरवी सेल और मॉनिटरिंग सेल ने भी केस को गंभीरता से लिया. पाकबड़ा थाने के कांस्टेबल रितेश कुमार ने पैरोकार के रूप में अदालत में गवाहों और सबूतों को समय पर पेश किया.
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सरकार की ओर से एडीजीसी नीलम वर्मा ने अदालत में प्रभावशाली पैरवी करते हुए आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूत पेश किए. अभियोजन पक्ष की दलीलों और सबूतों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे कन्विक्शन अभियान के तहत मिली बड़ी सफलता माना जा रहा है. अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाकर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना है. अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है. मुरादाबाद पुलिस ने कहा कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, दोषियों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा.





