Prateek Yadav Death Update: मुलायम सिंह यादव के पुत्र और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की आज बुधवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस हाई प्रोफाइल डेथ केस को लेकर पुलिस जांच में एहतियात बरत रही है. घर में शोक संवेदना जताने वालों तांता लगा हुआ है. उधर सीएमओ की मौजूदगी में प्रतीक का पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक की मौत की वजह पता चलने के साथ चौकाने वाला खुलासा हुआ है. घर के जिस कमरे में प्रतीक यादव थे, उसे बंद कर दिया गया है. प्रतीक का मोबाइल फोन और लैपटॉप को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या निकला? विसरा सुरक्षित रखा गया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव की मौत की वजह सामने आई है. पीएम रिपोर्ट के मुताबिक, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म के कारण प्रतीक को कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स हुआ. प्रतीक यादव की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उनके खून का थक्का जमा हुआ था. शरीर के नीचे हिस्से से ऊपरी हिस्से में खून का थक्का जम गया, जिसके बाद आर्टरी और लंग्स में इंफेक्शन हुआ और कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई. हालांकि विसरा रिपोर्ट के बाद और चीजें स्पष्ट होंगी. रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि शरीर पर मिली सभी चोटें मौत से पहले की हैं.
कैसा था शरीर?
सीएमओ की निगरानी में पूरा पोस्टमार्टम हुआ. वीडियोग्राफी हुई. प्रतीक यादव के पैर के नाखून थे नीले. उनके शरीर पर कुछ चोंटे थीं. हालांकि पीएम रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि ये चोंटे मौत से पहले की हैं.
क्या होता है पल्मोनरी एम्बोलिज्म?
Pulmonary Embolism (पल्मोनरी एम्बोलिज्म) ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में बना खून का थक्का बन जाता है. खून अक्सर पैरों की नसों से निकलकर फेफड़ों की धमनियों में फंस जाता है. इससे फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक से रुकने लगता है. वहीं फेफड़ों में खून का प्रवाह रुक जाने से मौत हो जाती है. खून रुकने से शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिलती है. दिल के दाहिने हिस्से पर बहुत ज्यादा दबाव महसूस होता है. जिससे हार्ट फेल हो सकता है. प्रतीक यादव के मामले में बड़ा क्लॉट होने से अचानक सांसे रुक गईं, जिससे चंद मिनटों में उनकी मौत हो गई.
लखनऊ पुलिस के मुताबिक, प्रतीक को सुबह लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. उस समय उनकी पत्नी अपर्णा यादव साथ नहीं थीं. सुबह परिजनों ने बताया था कि घर पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद परिवार के लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जब ये पता चला कि उनके नाखून नीले थे और 6 चोटों के निशान थे. ऐसे में प्रतीक यादव की मौत का केस और भी संवेदनशील हो गया है.
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6 निशान में 3 निशान 6 से 7 दिन पुराने थे, जबकि 3 चोटें करीब 1 दिन पुरानी थीं. सूत्रों की माने तो डॉक्टर्स का कहना है की जो चोट मात्र एक दिन पुरानी है, उससे मौत नहीं हो सकती हालांकि चोट एक दिन पहले भी कैसे लगी, ये भी बड़ा सवाल है. चोट किस हालात में लगी, डॉक्टरों का पैनल इसकी भी समीक्षा कर रहा है.





