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व्रत में खाते हैं सांवा के चावल, क्या आपको पता है कि इसमें कितने विटामिन-मिनरल्स हैं?

सांवा या सामक चावल (Barnyard Millet/Sama ke Chawal) जिसे ‘बार्नयार्ड मिलेट’ के नाम से भी जाना जाता है. सांवा को बाजरा (इचिनोक्लोआ प्रजाति) की सबसे छोटी फसलों में से भी एक माना जाता है. इसे ज्यादातर दुनिया के उन हिस्सों में उगाया जाता है जो गर्म और समशीतोष्ण जलवायु वाले हैं. ये एक पौष्टिक अनाज है, लेकिन डेली रूटीन में इसे कम ही खाया जाता है. सांवा का चावल भारतीय घरों में तो ज्यादातर व्रत के दौरान ही खाया जाता है. व्रत में लोग इसका पुलाव या खिचड़ी बनाते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ ही हेल्दी भी रहती है. तो चलिए जान लेते हैं कि सांवा के चावल में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं.

व्रत में खाते हैं सांवा के चावल, क्या आपको पता है कि इसमें कितने विटामिन-मिनरल्स हैं?
व्रत में खाते हैं सांवा के चावल, क्या आपको पता है कि इसमें कितने विटामिन-मिनरल्स हैं?

सांवा की न्यूट्रिशनल वैल्यू अच्छी होने के बावजूद भी ये कम खाए जाने वाले अनाजों में से एक है. इसकी कई प्रजातियां हैं, जिसमें सबसे ज्यादा लोकप्रिय किस्मों की बात करें तो इचिनोक्लोआ फ्रुमेंटेसिया (भारतीय बाजरा) और इचिनोक्लोआ एस्कुलेंटा (जापानी बाजरा) है. सबसे अच्छी बात है कि ये फसल बहुत कम देखभाल में भी अच्छी तरह ग्रो होती है. फिलहाल जान लेते हैं सांवा के पोषक तत्व.

प्रोटीन, कार्ब्स और फाइबर

के मुताबिक, सांवा यानी ‘बार्नयार्ड मिलेट’ एक ऐसी फसल है जो गेहूं, मक्का, चावल जैसे प्रमुख अनाजों की तुलना में कम लागत में तैयार हो जाती है और इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू भी हाई है. इसमें प्रोटीन के साथ ही फाइबर होता है और ये कार्बोहाइड्रेट का भी सोर्स है.

इन न्यूट्रिएंट्स की मात्रा है ज्यादा

सांवा में अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. इस अनाज पर कई रिसर्च मौजूद हैं जो ये बताती हैं कि सांवा में विटामिन बी कॉम्पलेक्स के अलावा कई माइक्रो न्यूट्रिएंट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. अगर आप भी अभी तक इसे सिर्फ व्रत में खाते आएं हैं तो अब से आप इसे अपनी डाइट का जरूरी हिस्सा बना सकते हैं और दूसरे अनाजों की तरह इसे भी मॉडरेशन में खा सकते हैं.

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क्या होंगे फायदे?

में कई माइक्रो न्यूट्रिएंट्स और फाइबर, प्रोटीन, फाइटोकेमिकल्स अच्छी मात्रा में होने की वजह से ये आपकी हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद है. सबसे अच्छी बात है कि ये ग्लूटेन फ्री है. ऐसे में जिनको ग्लूटेन (गेहूं मैदा में मौजूद एक पदार्थ, जिससे कुछ लोगों को पेट दर्द, ब्लॉटिंग हो सकती है) टॉलरेंस है वो इसे खा सकते हैं. इसके अलावा ये हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है तो वहीं डायबिटिक लोगों के लिए भी अच्छा अनाज है.

कैसे करें डाइट में शामिल?

आप सांवा की खिचड़ी बना सकते हैं. इसके अलावा इसकी बनी ब्रेड को ब्रेकफास्ट या मिड स्नैक्स में लिया जा सकता है. इसे आप छोटे बच्चों की डाइट में शामिल कर सकते हैं. इसका दलिया या खीर बनाई जा सकती है. सांवा का हलवा, कटलेट, ढोकला, अप्पे जैसी टेस्टी चीजें भी बनाकर आप इसे डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.

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