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लेट टर्म डिलीवरी क्यों होती है? 40 हफ्ते के बाद मां और बच्चे को क्या खतरे?​

गर्भावस्था के 40 हफ्ते पूरे होने के बाद भी अगर प्रसव पीड़ा शुरू नहीं होती, तो कई गर्भवती महिलाएं चिंता करने लगती हैं.हालांकि ड्यू डेट निकलने का मतलब यह नहीं है कि कोई परेशानी है. लेकिन इस समय मां और बच्चे की सेहत पर नजर रखना जरूरी है. कई बार पीरियड्स अनियमित होने या गर्भावस्था […]

गर्भावस्था के 40 हफ्ते पूरे होने के बाद भी अगर प्रसव पीड़ा शुरू नहीं होती, तो कई गर्भवती महिलाएं चिंता करने लगती हैं.हालांकि ड्यू डेट निकलने का मतलब यह नहीं है कि कोई परेशानी है. लेकिन इस समय मां और बच्चे की सेहत पर नजर रखना जरूरी है.

कई बार पीरियड्स अनियमित होने या गर्भावस्था की शुरुआत में अल्ट्रासाउंड न होने के कारण डिलीवरी की तारीख का सही अनुमान नहीं लग पाता. कुछ महिलाओं में प्रसव स्वाभाविक रूप से देर से शुरू होता है. हालांकि, हर मामले में इसकी कोई स्पष्ट वजह नहीं होती.

कब होती है पोस्टटर्म प्रेग्नेंसी शारदा केयर, हेल्थसिटी हॉस्पिटल में गायनेकोलॉजी विभाग में डॉ. लिपी शर्मा बताती हैं कि मेडिकली देखे तो 41 हफ्ते से 42 हफ्ते से पहले की गर्भावस्था को लेट टर्म और 42 हफ्ते या उससे अधिक की गर्भावस्था को पोस्टटर्म कहा जाता है.

क्या हैं इसके खतरेप्रेगनेंसी का टाइम बढ़ने के साथ कुछ खतरे भी बढ़ सकते हैं. प्लेसेंटा के काम करने की पावर प्रभावित होने और गर्भ में पानी की मात्रा कम होने से बच्चे की सेहत पर असर पड़ सकता है. वहीं, बच्चे का वजन ज्यादा होने पर नॉर्मल डिलीवरी में मुश्किल आ सकती है.

इस सिचुएशन में प्रेगनेंट महिला की जांच की जाती है और बच्चे की धड़कन, हलचल और गर्भ में पानी की मात्रा का आकलन किया जाता है. जरूरत के अनुसार लेबर इंडक्शन यानी चिकित्सकीय तरीके से प्रसव शुरू कराने की सलाह दी जा सकती है. कई मामलों में 41 हफ्ते के आसपास इस विकल्प पर विचार किया जाता है.

खुद से कभी न करें इंतजार ड्यू डेट निकलने पर खुद से इंतजार करने के बजाय अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें. अगर बच्चे की हलचल कम हो जाए, पानी निकलने लगे या रक्तस्राव हो, तो तुरंत अस्पताल जाएं. सही समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय देखभाल से मां और बच्चे, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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